धीरे-धीरे बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा भारत की नई दीवार के रूप में स्थापित होते जा रहे हैं। कई मौकों पर जब भारतीय पारी संकट में थी उस समय पुजारा ने भारत के लिए शानदार पारी खेली है। वह इस कारनामे को कई बार दोहरा भी चुके हैं।

हाइलाइटर- ने नागपुर टेस्ट में भी शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 143 रन बनाए। इस शतकीय पारी के साथ ही पुजारा ने वर्ष 2017 में टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन पूरे कर लिए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज भी बन गए हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम इस समय अपने स्वर्णिम दौर से गुजर रही है। टीम में कप्तान विराट कोहली लगातार क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में जहां बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं टीम के अन्य सदस्य भी अलग-अलग प्रारूपों में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। टी-20 और एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, रोहित शर्मा, यजुवेन्द्र चहल और भुवनेश्वर कुमार जैसे खिलाड़ी लगातार अपने प्रदर्शन से भारतीय टीम को जीत दिला रहे हैं, लेकिन जब क्रिकेट के लंबे प्रारूप यानि टेस्ट क्रिकेट की बात आती है तो जेहन में जो सबसे पहला नाम आता है वह भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का है। पुजारा लगातार अपने प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट के दूसरे वॉल बनते जा रहे हैं।

श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता में खेले गए तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मैच में एक कठिन पिच पर भारतीय टीम के बल्लेबाज पहली पारी में जब श्रीलंकाई गेंदबाजों के आगे असहाय थे, तब पुजारा ने आगे आकर शानदार बल्लेबाजी की। भारतीय टीम अपनी पहली पारी में 172 रनों पर ऑल आउट हो गई। जिसमें पुजारा के 52 रन थे। हालांकि इसके बाद पिच बढ़ियां होती गई और दूसरी पारी में कप्तान विराट कोहली ने शानदार 104 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। मैच तो ड्रा समाप्त हुआ, लेकिन यह पुजारा ही थे, जिनकी बदौलत भारतीय टीम पहली पारी में 172 रनों के स्कोर तक पहुंच सकी।

 

एक साल में 1000 रन किए पूरे

इसके बाद पुजारा ने नागपुर टेस्ट में भी शानदार शतकीय पारी खेलते हुए 143 रन बनाए। इस शतकीय पारी के साथ ही पुजारा ने वर्ष 2017 में टेस्ट क्रिकेट में अपने 1000 रन पूरे कर लिए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह दुनिया के तीसरे बल्लेबाज भी बन गए हैं। पुजारा ने वर्ष 2017 में 10 टेस्ट मैचों की 16 पारियों में 72 की औसत से 1045 रन बनाए हैं। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज डीन एल्गर और श्रीलंकाई बल्लेबाज दिमुथ करूणारत्ने ने पुजारा से पहले यह उपलब्धि हासिल की है। एल्गर वर्ष 2017 में अब तक 20 पारियों में 1097 रन बना चुके हैं, वहीं करूणारत्ने ने वर्ष 2017 में 12 टेस्ट मैचों की 23 पारियों में 43.47 की औसत से 1000 रन बनाए। उनके अब 1018 रन हो चुके हैं। हालांकि अभी भारत और श्रीलंका के बीच दिल्ली में एक और टेस्ट खेला जाना है तो पुजारा और करूणारत्ने दोनों के पास अपने रिकॉर्ड को सुधारने का मौका रहेगा।

पहले भारतीय बल्लेबाज

इसके अलावा चेतेश्वर पुजारा टेस्ट क्रिकेट में लगातार 8 दिन बल्लेबाजी करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। कोलकाता टेस्ट की पहली पारी से लगातार हर दिन वह बल्लेबाज़ी कर रहे हैं। कोलकाता में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन मैच की पहली ही गेंद पर केएल राहुल के आउट होते ही पुजारा क्रीज पर उतर गए थे। इसके बाद खराब रोशनी और बारिश के कारण दो दिन का खेल नहीं हो सका। तीसरे दिन वह फिर मैदान पर उतरे और 52 रन बनाकर आउट हुए। चौथे दिन शाम को शिखर धवन (94) के आउट होने के बाद वह फिर मैदान पर उतरे और 2 रन बनाकर नाबाद रहे। पांचवें दिन वह फिर बल्लेबाजी करने उतरे और 22 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नागपुर टेस्ट में भी केएल राहुल के जल्दी आउट होने के बाद पुजारा बल्लेबाजी करने उतरे तीन दिन बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट में लगातार 8 दिन बल्लेबाजी करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बन गए।

70 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा

पुजारा ने जहां अपने प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अपना लोहा मनवाया, वहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी उन्होंने अपने प्रदर्शन से यह बता दिया है कि वह क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। पुजारा ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सौराष्ट्र की ओर से खेलते हुए झारखंड के खिलाफ अपने कैरियर का 12वां दोहरा शतक लगाते हुए 204 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। इसी के साथ उन्होंने 70 साल पुराना रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। पुजारा से पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सर्वाधिक दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड दिग्गज विजय मर्चेंट के नाम दर्ज था। विजय मर्चेंट ने प्रथम श्रेणी करियर में 11 दोहरे शतक लगाए हैं। मर्चेंट ने अपना 11वां प्रथम श्रेणी क्रिकेट का दोहरा शतक 1947 में लगाया था। उनका यह रिकॉर्ड 70 सालों बाद पुजारा ने तोड़ा। उनके बाद राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर और विजय हजारे संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। इन तीनों दिग्गजों ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 10-10 दोहरे शतक लगाए हैं। पुजारा के 12 दोहरे शतकों में से 3 टेस्ट क्रिकेट में बने हैं। इन दोहरे शतकों में दो तिहरे शतक भी शामिल हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पुजारा ने 162 मैचों में 57.64 की औसत से 13144 रन बनाए हैं।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैरियर

पुजारा ने अपना टेस्ट पदार्पण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2010 में बेंगलुरू में किया था। जिसमें उन्होंने पहली पारी में 4 और दूसरी पारी में 72 रन बनाए थे। उन्होंने अब तक 53 टेस्ट मैचों में 53.38 की औसत से 4324 रन बनाए हैं। जिसमें उनके 14 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट कम ही खेला है। उन्होंने पांच एकदिवसीय मैचों में 10 की औसत से 51 रन बनाए हैं, जिसमें 27 उनका उच्च स्कोर है।

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