चौथी बार सिरमौर बना भारत
भारतीयों को क्रिकेट सबसे ज्यादा रोमांचित करता है। संयोग से साल की पहली बड़ी खबर क्रिकेट ग्राउंड से ही आई। न्यूजीलैंड में 13 जनवरी से 3 फरवरी तक खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर भारत इसका चौथी बार सिरमौर बना। पृथ्वी शॉ की कप्तानी में भारत ने फाइनल में आॅस्ट्रेलिया को आठ विकेटों से हराकर इसपर कब्जा जमाया।

नवजोत कौर की पहलवानी
मार्च के महीने में किर्गिस्तान में आयोजित सीनियर एशियन चैंपियनशिप में भारतीय पहलवान नवजोत कौर ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण जीता। इसमें गोल्ड मेडल जीतने वाली वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी।

साल-2018 खेल की हलचलों से भरपूर रहा। भारत के लिहाज से यह खेलों के मामले में कई तरह से महत्वपूर्ण साल रहा। भारत ने 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में भारी दल-बल के साथ हिस्सा लिया और अपना बेहतरीन प्रदर्शन भी किया। दीगर खेल आयोजनों से भी कभी उत्साहजनक तो कभी मायूसी भरी खबरें आती रहीं। सच तो ये है कि 2018 भारतीय खिलंदड़ों के लिए मिली-जुली उपलब्धियों वाला साल रहा।

तीसरे पायदान पर भारत
अप्रैल का महीना आते-आते भारतीयों पर राष्ट्रमंडल खेलों का खुमार चढ़ चुका था। आॅस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में 4 से 15 अप्रैल 2018 तक आयोजित हुए इन खेलों में पदक तालिका में भारत तीसरे पायदान पर रहा। इसमें भारत ने 26 स्वर्ण के साथ कुल 66 पदक हासिल किए। खेल के दूसरे दिन भारत्तोलन में मीराबाई चानू ने भारत की झोली पहला पदक डाला। अगले तीन दिन तक भारतीय वेटलिटरों ने अपनी स्वर्णिम सफलता का क्रम जारी रखा। चानू के बाद खुमुकचाम संजीता चानू, सतीश शिवलिंगम, आर वेंकट राहुल, पूनम यादव ने गोल्ड मेडल जीते। वहीं मनू भाकर ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला निशानेबाजी में और भारतीय महिला टीम ने टेबल टेनिस में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फिर जीतू राय ने 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष निशानेबाजी और भारतीय पुरुष टीम ने टेबल टेनिस में गोल्ड मेडल जीतकर देश की महिला खिलाड़ियों की बराबरी की। इसके साथ ही बैडमिंटन के मिक्स्ड टीम मुकाबले में भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद महिला 25 मीटर एयर पिस्टल में हिना सिद्धू और महिला डबल ट्रैप निशानेबाजी में श्रेयसी सिंह ने स्वर्णिम सफलता अर्जित की। कुश्ती के 57 और 74 किलो भार वर्ग के पुरुष मुकाबलों क्रमश: राहुल अवारे और सुशील कुमार ने गोल्ड मेडल जीता। तेजस्वनी सावंत ने महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन्स और अनीश भांवला ने पुरुष 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में स्वर्ण पदक हासिल किया। उसके बाद बजरंग पूनिया ने 65 किलोग्राम भार वर्ग कुश्ती में गोल्ड मेडल जीता। इसी तरह मैरी कॉम ने मुक्केबाजी के 48 किलोग्राम महिला वर्ग में सुनहरी कामयाबी हासिल की। संजीव राजपूत ने पुरुषों के 50 मीटर थ्री पोजीशन्स मुकाबले में और गौरव सोलंकी ने 52 किलोग्राम पुरुष वर्ग में स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। नीरज चोपड़ा ने भारत के लिए जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता। सुमित मलिक ने 125 किलोग्राम पुरुषों के और विनेश फोगाट ने महिलाओं के 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। टेबल टेनिस के महिला एकल में मनिका बत्रा ने और बैडमिंटन के महिला एकल में भारत की कद्दावर खिलाड़ी साइना नेहवाल ने आशानुरूप प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही मुक्केबाजी के 75 किलोग्राम मिडलवेट वर्ग में विकास कृष्ण यादव ने स्वर्ण पदक दिलाया।

दस हजारी विराट

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध अक्टूबर में वनडे में 10,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही वह दुनिया के सबसे तेज दस हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उन्होंने सचिन तेंदुलकर की 259 के मुकाबले महज 205 परियों में इस मकाम को हासिल किया।

चेन्नैई सुपर किंग की वापसी
7 अप्रैल से 27 मई तक चले इंडियन प्रीमियर लीग का चेन्नई सुपर किंग ने खिताब जीता। उसने फाइनल में सनराइजर्स हैदराबाद को हराया। दो साल का प्रतिबंध झेलने के बाद सीएसके ने खिताबी जीत का जश्न मनाकर शानदार वापसी की।

दीपिका का सोने पर निशाना
जून के महीने में अमेरिका के साल्ट लेक सिटी के खेले गए तीरंदाजी के रिकर्व मुकाबले में दीपिका कुमारी ने स्वर्ण पदक हासिल कर खूब प्रशंसा बटोरी।

कर्माकर-हीमा को सफलता
भारतीय खिलाड़ी दीपा कर्माकर अंतत: इस साल जुलाई में तुर्की के मर्सिन शहर में आयोजित एफआईजी आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह कारनामा करने वाली वह पहली भारतीय जिमनास्ट हैं। भारतीय एथलीट हीमा दास ने इसी महीने फिनलैंड में आयोजित आईएएएफ वल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। विश्व चैंपियनशिप के किसी भी आयु वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली वह पहली भारतीय एथलीट हैं।

एशियाड में भी भारतीयों का जलवा

2018 में अगस्त का महीना मुख्यत: एशियाई खेलों के लिए जाना जाएगा। इनमें चीन के नन्जिंग शहर में आयोजित विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप-2018 के महिला एकल मुकाबले में पीवी सिंधू ने रजत पदक जीता। इसके बाद 18 अगस्त से 2 सितंबर तक इंडोनेशिया के जकार्ता और पलेमबैंग शहरों में आयोजित एशियाई खेल-2018 में भारतीय खिलंदड़ों ने अपना सिक्का जमाया। इसमें भारत ने 15 स्वर्ण के साथ कुल 69 पदक जीते। यह एशियाई खेलों के इतिहास में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इसमें पहलवान बजरंग पुनिया ने पुरुषों के 65 किलोग्राम भारवर्ग में भारतीय पदक तालिका में पहला स्वर्ण पदक जोड़ा। उसके बाद विनेश फोगाट ने 50 किलो महिला वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। मेरठ के युवा खिलाड़ी सौरभ चौधरी ने पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल में और राही सर्नोबत ने महिला 25 मीटर पिस्टल में स्वर्णिम सफलता अर्जित की। रोविंग में भारतीय पुरुष टीम का गोल्ड मेडल जीतना खास रहा। रोहन बोपन्ना और दिविज शरण ने पुरुष युगल टेनिस में स्वर्ण पदक जीता। इसके अतिरिक्त तजिंदर सिंह तूर, नीरज चोपड़ा, मंजीत सिंह, अरपिंदर सिंह, स्वप्न बर्मन, जिनसॉन जॉनसन समेत महिला टीम ने एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अमित पंघाल ने 49 किलोग्राम के मुक्केबाजी में, तो वहीं पुरुष युगल टीम ने ब्रिज मुकाबले में स्वर्ण पदक हासिल किया।

मैरी कॉम का गोल्डन सिक्सर
नवंबर का महीना भारत के लिए उपलब्धियों भरा रहा। हालांकि भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी टी-20 के सेमिफाइनल में इंग्लैण्ड के हाथों शिकस्त खाकर मायूस जरूर किया, लेकिन इसमें मिताली राज और कोच रमेश पोवार के विवाद को बड़ी वजह माना गया। इसके अतिरिक्त भारत के लिए मुक्केबाजी और कुश्ती के रिंग से सुखद समाचार आए। भारत की दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम ने जहां दिल्ली में आयोजित महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में छठा स्वर्ण पदक जीतकर ऐसा करने वाली दुनिया की अकेली महिला मुक्केबाज बनीं, वहीं भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया 65 किलोग्राम भार वर्ग फ्रीस्टाइल कुश्ती में दुनिया के नंबर वन पहलवान बन गए। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्लूडब्लू) की रैंकिंग में पूनिया 96 अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान पर हैं।

क्रिकेट की गंभीर पारी का अंत
दिसंबर का महीना गौतम गंभीर के रिटायरमेंट के लिए याद रखा जाएगा। 58 टेस्ट मैच, 147 वनडे और 37 टी-20 मैचों में 10 हजार से अधिक रन बनाने वाले क्रिकेट के इस गंभीर बल्लेबाज ने सभी फॉर्मेट को अलविदा कह दिया।

हॉकी में भारत को मायूसी
भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में आयोजित हॉकी विश्व कप-2018 में भारतीय टीम ने राष्ट्रीय खेल प्रशंसकों को मायूस ही किया। टीम क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के हाथों हारकर छठे स्थान पर रही।

पीवी सिंधू का सुखद साल
2018 जाते-जाते बैडमिंटन कोर्ट से अच्छी खबर देता गया। रियो ओलंपिक्स में रजत पदक विजेता भारतीय शटलर पीवी सिंधू बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स का खिताब जीतने में सफल रहीं। ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय हैं।

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