साल 2018 में आस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 13 एकदिवसीय मैच खेले जिनमें उसे 11 में हार का सामना करना पड़ा। वहीं भारत ने साल 2018 में 20 वनडे मैच खेले जिनमें 14 जीते।

भारतीय क्रिकेट टीम के हाथों अपनी सरजमीं पर टेस्ट और वनडे सीरीज गंवाने के बाद आॅस्ट्रेलिया की टीम भारत दौरे पर प्रतिशोध लेने की पुरजोर कोशिश करेगी। इस दौरे पर कंगारू टीम भारत के खिलाफ 2 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच और 5 एकदिवसीय मैचों की सीरीज खेलेगी। दोनों देशों के बीच पहला टी-20 मैच विशाखापट्टनम में 24 फरवरी को खेला जाएगा वहीं दूसरा मैच 27 फरवरी को बेंगलुरू में होगा।
इसके बाद भारत और आॅस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के दौरान एक दूसरे के खिलाफ अपनी चुनौती पेश करेंगे। 5 मैचों की एकदिवसीय सीरीज की शुरुआत 2 मार्च से होगी। आॅस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज में कंगारुओं को उसी की मांद में रौंदने के बाद टीम इंडिया के हौंसले बुलंद हैं।

भारत की टी-20 टीम विराट कोहली (कप्तान) रोहित शर्मा (उपकप्तान) केएल राहुल, शिखर धवन, ऋषभ पंत, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर) हार्दिक पांड्या, क्रुणाल पांड्या, विजय शंकर, युजवेंद्र चहल, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल, मयंक मार्कडेंय।

कप्तान विराट कोहली की ऊजार्वान कप्तानी और भारतीय खिलाडि़यों की जबरदस्त फॉर्म को देखते हुए वनडे सीरीज में कंगारुओं की राह आसान नहीं होगी। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच पहला वनडे मैच 6 दिसंबर 1980 को बेंसन हैसेज वर्ल्ड सीरीज कप के दौरान मेलबर्न में खेला गया। टीम इंडिया ने पहले ही ओडीआई मैच में कंगारुओं को 66 रनों से शिकस्त दी। जहां तक आॅस्ट्रेलियाई टीम के भारत दौरे की बात है तो सबसे पहले कंगारू टीम किम ह्यूज की कप्तानी में साल 1984-85 में 5 वनडे मैचों की सीरीज खेलने आई।
सुनील गावस्कर की कप्तानी में भारतीय टीम कुछ खास कमाल नहीं कर पाई और आॅस्ट्रेलिया ने उस एकदिवसीय श्रंखला में भारत को 3-0 से पछाड़ा जबकि सीरीज के 2 मैचों का परिणाम नहीं निकला। वहीं 1986-87 में एलन बॉर्डर की अगुवाई में कंगारू टीम एक बार फिर सीरीज जीतने की हसरत लिए भारत आई। इस बार कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने कंगारुओं के मंसूबों पर पानी फेर दिया। दोनों देशों के बीच खेली गई 6 वनडे मैचों की सीरीज में भारत ने आॅस्ट्रेलिया को 3-2 से परास्त किया। इस दौरान एक मैच का परिणाम नहीं निकल सका। करीब 13 साल के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2000-01 में स्टीव वॉ के नेतृत्व में आॅस्ट्रेलियाई टीम ने भारतीय सरजमीं पर 5 एकदिवसीय मैचों की सीरीज खेली।
टीम इंडिया के तत्कालीन कप्तान सौरव गांगुली की अगुवाई में भारत ने आॅस्ट्रेलिया को जमकर टक्कर दी लेकिन कंगारु टीम ने बाजी मारते हुए ओडीआई सीरीज पर 3-2 से कब्जा किया। वहीं 2007-08 में रिकी पॉन्टिंग की कप्तानी में एक बार फिर आॅस्ट्रेलिया की टीम ने भारत दौर पर आई। वनडे सीरीज में कंगारू टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया को 7 एकदिवसीय मैचों की सीरीज में 4-2 से पराजित किया जबकि 1 मैच का रिजल्ट नहीं निकला। यही हश्र टीम इंडिया का 2009-10 में एक फिर हुआ जब रिकी पॉन्टिंग की टीम ने 7 ओडीआई मैचों की सीरीज में एमएस धोनी की टीम को 6-2 मात दी। साल 2010-11 में कंगारू टीम ने माइकल क्लार्क की कप्तानी में 3 वनडे मैचों की सीरीज भारत की धरती पर खेली। महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने आॅस्ट्रेलिया को इस सीरीज में 1-0 से चित किया।
वहीं साल 2013-14 में फिर आॅस्ट्रेलियाई टीम भारतीय सरजमीं पर पार न पा सकी और धोनी के धुरंधरों ने 7 वनडे मैचों की सीरीज में जॉर्ज बैली की टीम को 3-2 से पटक दिया। वर्ष 2017-18 में 5 वनडे मैचों की सीरीज खेलने भारत आई आॅस्ट्रेलिया टीम के हिस्से में फिर हार आई। भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में स्टीवन स्मिथ की टीम को 4-1 से करारी मात दी। आंकड़ों पर गौर करें तो वनडे मैचों में आॅस्ट्रेलिया की टीम भारत पर भारी पड़ी है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए 131 वनडे मैचों में आॅस्ट्रेलिया ने 74 जीते हैं वहीं भारत 47 मैच जीतने में सफल रहा जबकि 10 मैच अनिर्णित रहे। ये आंकड़े भले ही आॅस्ट्रेलिया की सफलता की कहानी बयां कर रहे हों, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम के खेल में जबरदस्त निखार आया और आॅस्ट्रेलिया का लचर प्रदर्शन रहा है। बीते साल 2018 में आॅस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 13 एकदिवसीय मैच खेले जिनमें उसे 11 में हार का सामना करना पड़ा।
वहीं भारत ने साल 2018 में 20 वनडे मैच खेले जिनमें 14 जीते और 4 हारे। इस दौरान भारत के 2 मैच टाई रहे। भारत ने साल 2019 का आगाज विदेशी पर दोहरी वनडे सीरीज जीतने के साथ किया है। ऐसे में भारत दौरे पर कंगारुओं का हारना तय है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here