किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर यूपी सरकार भी लगातार कोशिश कर रही है। प्रदेश की राजधानी में कृषि कुंभ का आयोजन इसी कोशिश का हिस्सा था। इसमें पूरे प्रदेश के किसानों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह भी आयोजन में शामिल हुए। वहीं प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राज्यमंत्री धुन्नी सिंह ने भी अपने अनुभव को किसानों के बीच बांटा। कृषि कुंभ में जहां किसानों को नई तकनीक का प्रयोग करने का तरीका सिखाया गया, वहीं पराली न जलाने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही नील गाय और अन्य पशुओं से खेती को सुरक्षित रखने की भी चर्चा की गयी। खेतीबाड़ी से जुड़ी सभी विधाओं के लिए ऐसा आयोजन प्रदेश में पहली बार हुआ है। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के विभिन्न संस्थान, कृषि विश्वविद्यालयों तथा अन्य शोध संस्थानों के स्टॉल लगे थे, जिसके जरिये किसानों ने नवीनतम एवं लाभकारी कृषि तकनीक की जानकारी प्राप्त की। कृषि कुंभ में जॉनडियर, लैंडफोर्स, दशमेश, शक्तिमान, एस्कॉर्ट्स, सोनालिका, महिंद्रा एंड महिंद्रा, वीएसटी टिलर, बेरी उद्योग, टैफे सहित कई बड़ी कंपनियों की उन्नत कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहीं। आयोजन में कृषि के अलावा उद्यान, सिंचाई, रेशम, पशुपालन, मत्स्य, सहित कई सरकारी महकमों ने भी प्रदर्शनी लगाकर जानकारी उपलब्ध करायी। कृषि को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से फल व फूलों की विभिन्न प्रजातियों के साथ ही वर्टिकल फार्मिंग, हाईड्रॉपनिक्स, एक्वापनिक्स तथा माइक्रो सिंचाई पद्धति विषयक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई। मत्स्य विभाग ने तालाब में बायोफिल्टर से पानी को छानकर कई बार उपयोग करने की दृष्टि से रिसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम का प्रदर्शन किया। साथ ही एक्वेरियम के लिए रंगीन मछलियों के साथ ही प्रदेश में उत्पादित होने वाली विभिन्न प्रजातियों की मछलियां प्रदर्शित की गयी। किसानों की आय वृद्धि के लिए मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत फसल प्रणाली के अंतर्गत मत्स्य पालन के लिए तलाब तथा धान के साथ मत्स्य पालन करने की तकनीक को भी दर्शाया गया। कृषि कुंभ में जापान और इजरायल ने यूपी में निवेश के लिए करार किया। दोनों ही देशों ने भविष्य में यूपी में और ज्यादा निवेश की इच्छा जताई है। इजरायल के सहयोग से बस्ती में फलों का और कन्नौज में सब्जियों का सेंटर आॅफ एक्सिलेंस तैयार किया गया है। यहां से किसानों को उन्नत किस्म की पौध दी जाएगी। वहीं जापान यूपी में कृषि एवं उद्योगों को बढ़ावा देने, फूड चेन विकसित करने, अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण आदि का काम करेगा। कृषि कुंभ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। उन्होंने कहा कि इस कृषि कुंभ से कृषि भावना को बढा़ने में मदद मिलेगी। यहां आने वाला हर किसान लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले कृषि उन्नति मेले के दौरान मैंने किसान मेले लगाने की सलाह दी थी। कृषि कुंभ इसका ही विस्तार है। इस आयोजन में लगभग 200 स्टॉल लगाए गए हैं जिनमें किसानों को तकनीक की जानकारी दी जा रही है। जिससे किसानों को खाद्यान्न की मात्रा बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी। मोदी ने कहा कि इस बार भी देश में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान अब अन्नदाता के साथ ऊर्जा दाता भी बन सकता है। गुजरात का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां किसानों ने खेत में ही सोलर पैनल लगाकर बिजली की जरूरत भी पूरी की और बिजली बेचकर पैसे भी कमाए। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के किसानों में इतनी क्षमता है कि वे पूरी दुनिया के लिए अन्न का उत्पादन कर सकते हैं। पहली बार उत्तर प्रदेश में कृषि कुंभ का आयोजन हो रहा है। कुंभ भारत की परंपरा में बहुत ही सात्विक व सांस्कारिक शब्द है जो हमें एकता के सूत्र में बांधता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में काफी संभावनाएं हैं। गन्ना उत्पादन में हम सबसे ऊपर हैं। हॉर्टीकल्चर और दुग्ध उत्पादन में भी हमारा प्रथम स्थान है। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में हम अपनी उर्वरा शक्ति के लिए जाने जाते हैं। यहां व्यापक संभावनाएं हैं। अगर सही जानकारी मिले तो प्रदेश के किसान पूरी दुनिया के लिए अन्न उत्पादन की क्षमता रखते हैं।

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