तमाम ऊहापोह और आशंका के बावजूद जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हो गए। इस चुनाव का राज्य की दो प्रमुख राजनीतिक दलों नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने बहिष्कार किया था। अलगाववादी संगठनों ने भी चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था। वहीं आतंकियों ने भी चुनाव के खिलाफ धमकी दी थी। इसके बावजूद निकाय चुनाव शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गए। निकाय चुनावों की सफलता के बाद राज्य प्रशासन ने पंचायती चुनावों के पहले चरण की अधिसूचना जारी कर दी है। इन निकाय चुनावों में बीजेपी सबसे ज्यादा फायदे में रही है। जम्मू संभाग में तो उसे अच्छी सफलता मिली ही है, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की अनुपस्थिति में उसे कश्मीर संभाग में अच्छी कामयाबी मिली है।

जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के परिणाम आ चुके हैं। इस बार जम्मू के अलावा कश्मीर संभाग में भी बीजेपी के कई प्रत्याशी जीतने में सफल रहे हैं। लेकिन यदि पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने चुनाव बहिष्कार नहीं किया होता, तो क्या पार्टी को इतनी सफलता मिलती? यह एक बड़ा प्रश्न है।

जम्मू नगर निगम की 75 वार्डों में से 43 वार्डों में भारतीय जनता पार्टी ने विजय हासिल कर ली है। इसके साथ ही जम्मू महानगर में बीजेपी का मेयर व डिप्टी मेयर बनना तय हो गया है। यहां कांग्रेस विजयी हुए कुल निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या तक भी नहीं पहुंच सकी है और तीसरे स्थान पर रही है। यहां के 75 वार्डों में से 14 में कांग्रेस व 18 में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं। जम्मू-कश्मीर में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने जम्मू संभाग में 37 निकायों के कुल 520 वार्डों में से 212 वार्डों में जीत हासिल की है, जबकि कश्मीर संभाग के 598 वाडों में से 100 वार्डों में वो अपने उम्मीदवार को जिताने में कामयाब रही है। कुल मिलाकर राज्य में हुए निकाय चुनावों बीजेपी ने 312 वार्डों में जीत हासिल की है। कांग्रेस ने जम्मू संभाग में 110 व कश्मीर संभाग में 157 वार्डों में जीत हासिल की है। वहीं 363 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद जम्मू संभाग में बीजेपी का दबदबा साफ तौर पर नजर आ रहा है। साम्बा जिले के 56 वार्डों में से 18 वार्डों में बीजेपी की जीत हुई है, जबकि 9 में कांग्रेसी उम्मीदवार विजयी रहे हैं। यहां 27 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं और दो वार्डों में नेशनल पैंथर्स पाटी के उम्मीदवारों ने बाजी मारी है। इसी तरह रामनगर के 13 वार्डों में से 6 पर बीजेपी, 5 पर नेशनल पैंथर्स पार्टी और दो पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं। वहीं चनैनी के 7 वार्डों में से 3 पर बीजेपी, 1 पर कांग्रेस व 3 पर निर्दलीय उम्मीदवार को कामयाबी मिली है। आरएसपुरा के 13 वार्डों में से 9 में बीजेपी, एक पर कांग्रेस व तीन वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं। कठुआ जिले की बसौहली के 13 वार्डों में पांच पर बीजेपी, पांच पर कांग्रेस व 3 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए हैं। लेह के सभी 13 वार्डों में कांग्रेस ने बाजी मारी है। यहां के किसी भी वार्ड में कांग्रेस के उम्मीदवार को कोई अन्य उम्मीदवार चुनौती देने में सफल नहीं हो सका। इसी तरह उधमपुर जिले में भी बीजेपी अपेक्षित सफलता नहीं पा सकी। यहां के 21 वार्डों में से केवल चार में ही बीजेपी को कामयाबी मिली, जबकि पैंथर्स पार्टी को छह और कांग्रेस को दो वार्डों में जीत मिली। भद्रवाह के 13 वार्डों में से तीन में बीजेपी, 6 में कांग्रेस व 4 में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। राजौरी जिले में हुई मतगणना के बाद कांग्रेस को सात, बीजेपी को छह और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार वार्डों में विजय हासिल की है। थन्नामण्डी में बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। वहीं कांग्रेस ने नौ वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चार वार्डों में विजय हासल की। दूसरी ओर सुन्दरबनी में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका। यहां बीजेपी उम्मीदवार 10 वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवार तीन वार्डों में जीतने में सफल रहे। नौशहरा में बीजेपी ने 7 वार्डों में, कांग्रेस ने 3 वार्डों में व निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 वार्डों में विजय हासिल की। कालाकोट में बीजेपी को एक भी वार्ड में कामयाबी नहीं मिल सकी। यहां कांग्रेस ने एक व निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 वार्डों में विजय हासिल की। इस तरह से राजौरी जिले में बीजेपी 23 वार्डों में, कांग्रेस 20 वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवार 20 वार्डों में जीतने में सफल रहे। कठुआ जिले के 21 वार्डों में से 8 पर बीजेपी ने विजय हासिल की, 4 में कांग्रेस और सात में निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजय हासिल की। बिलावर के 13 वार्डों में से 6 में बीजेपी, 5 में कांग्रेस व 2 में निर्दलीय उम्मीदवार विजयी हुए। जम्मू संभाग की तरह बीजेपी कश्मीर और लद्दाख में अपना दबदबा कायम नहीं कर पाई।

यहां कांग्रेस ने कई निकायों में क्लीन स्वीप किया। उत्तरी कश्मीर के बांडीपोरा में बीजेपी के जिला प्रधान कांग्रेस उम्मीदवार जμफर उल्ला खान से हार गए। गांदरबल म्यूनिसिपल कमेटी के 17 वार्डों में से 13 पर निर्दलीय जीते, जबकि दो वार्डों में बीजेपी व दो में कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपनी जीत दर्ज करवाई। अनंतनाग में भी कांग्रेस का दबदबा रहा। यहां की 25 में से 20 सीटों पर काग्रेस ने जीत हासिल की। जिला बांडीपोरा के सुंबल म्यूनिसिपल कमेटी की 13 सीटों में से आठ सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीती, जबकि अन्य पांच पर कांग्रेस ने जीत हासिल की है। सज्जाद गनी लोन की पार्टी पीपुल्स कांफ्रेंस ने हंदवाड़ा म्यूनिसिपल कमेटी की सभी 13 सीटों पर जीत दर्ज की है। हंदवाड़ा में बीजेपी ने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था। गांदरबल में निर्दलीय उम्मीदवार हावी रहे। यहां के 17 वार्डों में से 13 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इसके अलावा दो वार्डों में कांग्रेस और दो में बीजेपी के उम्मीदवार जीते। बारामुला के 21 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की। बीजेपी के खाते में छह वार्ड गए, जबकि तीन पर निर्दलीय उम्मीवार ने जीत हासिल की। उड़ी म्यूनिसिपल कमेटी की 13 सीटों में सात पर निर्दलीय, छह पर कांग्रेस ने बाजी मारी। यहां बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाई। लेह में सभी 13 सीटें कांग्रेस ने जीती। कारगिल म्यूनिसिपल कमेटी की 13 सीटों में आठ सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं और यहां कांग्रेस ने पांच जबकि बीजेपी ने एक सीट पर कब्जा किया है। 20 अक्टूबर को राज्य के 79 शहरी निकायों के 1145 वार्डों में से 720 वाडऱ्ों के लिए मतगणना हुई। यहां के 244 वार्डों में उम्मीदवार पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। कश्मीर में 181 वार्ड ऐसे भी रह गए, जहां पर कोई उम्मीदवार मैदान में न होने के कारण वोटिंग ही नहीं हुई है। इस तरह राज्य के 425 वार्ड के लिए वोटों की गिनती ही नहीं हुई। दिन भर चली मतगणना के दौरान सभी मतगणना केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे। राज्य में निकाय चुनाव चार चरणों में हुए थे। पहले चरण में आठ अक्टूबर को कुल 56.7 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद 10 अक्टूबर को हुए दूसरे चरण में 31.4 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। इसी तरह 13 अक्टूबर को हुए तीसरे चरण में मतदान का प्रतिशत 16.4 रहा व 16 अक्टूबर को हुए चौथे व अंतिम चरण में महज 4.2 प्रतिशत मतदाताओं ने ही वोट डाले। राज्य में चार चरणों में हुए निकाय चुनावों और उसमें बीजेपी की बड़ी जीत से उत्साहित प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष रविन्द्र रैना ने कहा कि आने वाले दिनों में बीजेपी पंचायत चुनावों में भी उम्दा प्रदर्शन करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में बीजेपी का ही मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने कहा कि जम्मू महानगर में बीजेपी का ही मेयर व डिप्टी मेयर होगा और श्रीनगर में भी हम किंगमेकर की भूमिका निभायेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियों से लोगों में भारी उत्साह है और सबका साथ सबका विकास ही बीजेपी का मूलमंत्र है। उन्होंने कहा कि जम्मू संभाग में बीजेपी 25 नगर कमेटियां बनायेगी।

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