झा रखंड सरकार ने इस साल की शुरूआत में एक साथ एक लाखछह हजार युवाओं को निजी क्षेत्र मेंनियुक्ति पत्र देकर इतिहास रच दिया। बेरोजगारी दूर करने के लिए आज शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और नये स्किल्स पर भी पकड़ होना बहुत जरूरी है। इसी सोच के साथ झारखंड सरकार नेराज्य कौशल विकास मिशन की ओर से खेल गांव परिसर में ग्लोबल स्किल समिट का आयोजन किया था। समिट के आयोजन में 4.35 करोड़ रुपये खर्च किये गये। इसमें 17 देशों के प्रतिनिधि पहुंच थे। समिट के दौरान एक लाख से अधिक युवकों को रोजगार के लिए आॅफर लेटर दिये गये। समिट में 12 कपंनियों के साथ एमओयू किया गया। इनमें आईटीई सिंगापुर, एसएफआईवीईटी,यूके स्किल्ड लिमिटेड, सीसीएल, केमप्पी इंडियाप्राइवेट लिमिटेड, स्कैनीडर इलेक्ट्रिक, इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ वेडिंग, फेस्टो, हिटाची, भारतीय स्किल यूनिवसिर्टी, जयपुर ईस्ट आॅटो और सेंचुरिंग यूनिवर्सिटी शामिल थे। समिट में राज्यभर के 15 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। समिट की मुख्य अतिथि राज्यपाल द्रौपदी मुर्मूने कंपनियों से आग्रह किया कि वे ये सुनिश्चित करें कि युवाओं को नौकरी शुरू करने केतत्काल बाद ही नौकरी छोड़ने के लिए विवशन होना पड़े। उन्होंने कहा कि रोजगार मिलने से लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। देश का भविष्य युवाओं पर निर्भर है।इसलिए विभिन्न कंपनियां युवाओं की ऊर्जाको सही दिशा दें, ताकि देश की उन्नति हो। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि झारखंड ने नया इतिहास रचा है। इसके पहले राज्य में 2017 में मोमेंटम झारखंड का आयोजन किया गया था। 2018 में एग्रिकल्चर एंड फूड समिट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि हमने झारखंड में उद्योगपतियों को उनकी जरूरत के हिसाब सेकुशल कारीगर उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है।

रांची में ग्लोबल स्किल समिट में एक लाख छह हजार स्थानीय युवाओं को नियुक्ति पत्र देकर झारखंडने रोजगार के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है।सरकार की योजना कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए निजी क्षेत्र की तमाम कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है।

हम आदिवासी और पिछड़े बच्चों को कुशल बना रहे हैं। ये बच्चे दुनिया भर में अपनी योग्यता से अलग पहचान बना रहे हैं और भारत की क्षमता से दुनिया को परिचित करा रहे हैं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास खनिज संसाधनके साथ-साथ मानव संसाधन भी है। कोईभी अर्थशास्त्री यही कहेगा कि झारखंड को किसी विकसित राष्ट्र के बराबर होना चाहिए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि झारखंड में विश्व की अर्थव्यवस्था को संभालने की ताकत है। उन्होंने ग्लोबल स्किल समिट 2019 कोयुवा कुंभ की संज्ञा देते हुए कहा कि यहां कई देशों के राजदूत और उद्यमी आये हैं। दुबईमें 2020 में एक कार्यक्रम होगा। इसमें 50हजार नये ड्राइवर की जरूरत होगी। उन्होंनेकहा कि झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दासने वहां ड्राइविंग की ट्रेनिंग देने वाले इंस्टीट्यूटको झारखंड आमंत्रित किया है, ताकि यहां केलोग वहां की व्यवस्था के तहत ड्राइविंग कीट्रेनिंग लेकर वहां नौकरी कर सकेंगे। प्रधान नेकहा कि दुनिया के संपन्न देशों में कामगारों कीजरूरत है। झारखंड की श्रमशक्ति कई देशों कीअर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। अगर झारखंड के युवा न जाएं,तो कई बड़े शहरों की व्यवस्था चरमरा जायेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास नेझारखंड में छह नये कौशल विकास केंद्र का आॅनलाइन उद्घाटन किया। रांची में दो कौशलविकास केंद्र के अलावा कोडरमा, पलामू और जामताड़ा में भी एक-एक केंद्र बने हैं। कार्यक्रम में मौजूद मॉरीशस के राजनयिक जगदीश्वर गोवर्धन ने उनके देश में झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर के बारे में जानकारी दी। ग्लोबल स्किल समिट 2019 को हिंदी में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अफ्रीका से आये हैं। अफ्रीका और झारखंड की संस्कृति बहुत-मिलती जुलती है। भारत के कईराज्यों की संस्कृति को मॉरीशस में जीवंत रखा गयाहै। इतनी उत्तम संस्कृति को बचाये रखने के लिए मातृभाषा को हमेशा अपनाये रखना चाहिए। इसेकभी छोड़ना नहीं चाहिए। रोजगार एवं उद्यमिता कोबढ़ावा देने के लिए विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे का निर्माण झारखंड सरकार कर रही है।

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