बिहार में पिछले ढाई दशक से सियासी राजनीति की धुरी बने लालू प्रसाद के परिवार में उनकी गैरहाजिरी में सत्ता संघर्ष दिखने लगा है। लालू सत्ता में रहें या सत्ता से बाहर, बिहार की सियासी राजनीति उनके इर्दगिर्द ही रही है। रांची की जेल में सजा काट रहे लालू ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंप रखी है। वे विधान परिषद में विपक्ष की भी नेता भी हैं। लालू के छोटे बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। बड़े बेटे तेजप्रताप विधायक हैं। बड़ी बेटी मीसा भारती राज्यसभा सदस्य हैं। लालू ने अपने छोटे बेटे को राजनीतिक विरासत संभालने के लिए उत्तराधिकारी बनाया है। समर्थकों ने तेजस्वी को नेता के रूप में स्वीकार भी कर लिया है। परंतु परिवार से समय-समय पर छनकर आने वाली चर्चा के अनुसार सब कुछ ठीकठाक नहीं चल रहा है। लोकसभा का चुनाव नजदीक है। मीसा भारती और तेज प्रताप के लोकसभा के चुनाव में कूदने की चर्चा है। मीसा पाटलिपुत्र और तेज प्रताप छपरा से चुनाव लड़ सकते हैं।

लालू परिवार में सत्ता संघर्ष की बातें समय-समय पर उठती या उठाई जाती रहती हैं। प्रदेश की राजनीति में प्रमुख स्थान रखने के कारण ऐसी खबरों में कोई ठोस बात हो या न हो, सुर्खियां बन ही जाती हैं।

विवाद सामने आया

लालू के दोनों बेटों तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच शीतयुद्ध कहें या मनमुटाव का खुलासा मीसा भारती ने किया है। उन्होंने पिछले दिनों मनेर में कार्यकर्ताओं के सामने खुलकर यह मान लिया कि दोनों भाइयों के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मीसा ने कहा कि हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं होती है। सब पीछे से खंजर मारते हैं कोई सामने नहीं आता है। कोई सामने आकर लड़े तो हम झांसी की रानी की तरह लड़ लेंगे। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई भी दी कि मनेर में जो भी कहा था कि वह अपने परिवार को लेकर नहीं कहा था। मेरी बातों का गलत मतलब निकाला गया। कई बार दोनों भाई एक मंच साझा करने में दूरी बनाये रखते हैं। मनमुटाव की खबरें आने पर तेजप्रताप ने इसका खंडन भी किया है। घर नवरात्र के पहले दिन तेजप्रताप नजर नहीं आये। तेजस्वी की मां के साथ पूजा करने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने पर चर्चा का बाजार गर्म हो गया। धार्मिक अनुष्ठान में रुचि रखने वाले तेजप्रताप की हाल में मथुरा—वृंदावन में होने की तस्वीर सोशल मीडिया पर देखी गयी थी।

परिवार में संघर्ष नहीं

परिवार में सत्ता संघर्ष दिखने और तेजप्रताप की उपेक्षा के आरोप पर तेजस्वी ने कहा है कि राजद में लोकतंत्र है। उनके उप मुख्यमंत्री बनने के समय से ही यह सवाल उठाया जाता रहा है। परिवार को बदनाम करने वाले दोनों मामा से सबक लेना चाहिए। तेजस्वी ने कहा कि वे पार्टी की मजबूती की बात करते हैं, तो विरोधी सत्ता संघर्ष की हवा उड़ाते हैं। उन्होंने कहा कि भाभी चुनाव नहीं लड़ेगीं। भैया लड़ेंगे, मां या कोई अन्य अनुशासित सिपाही, यह पार्लियामेंट्री बोर्ड तय करेगा। तेजप्रताप की पत्नी एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय की पोती ऐश्वर्या की छपरा से लोकसभा चुनाव लड़ने की पहले चर्चा हुई थी। पर चुनाव लड़ने के लिए अपेक्षित उम्र नहीं होने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ पायेंगी।

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने लालू परिवार में किसी प्रकार के विवाद पर पर्दा डालने की भरसक कोशिश की है। उनका कहना है कि लालू परिवार में फूट की तलाश करना रोचक काम है। राजनीति से लेकर मीडिया तक को इसमें बहुत रस मिलता है। मनेर की लिट्टी पार्टी में मीसा के भाषण पर गरमा-गरम चर्चा है। बिहार ने मन बना लिया है। 2014 के बिहार के लोकसभा के चुनाव के नतीजे को 2019 में उलट देना है। पूर्व सांसद साधु यादव तेजस्वी के बयान पर बरसे। कहा कि लालू को जेल भिजवाने वाले आज राजद के सिपहसालार बने हैं। राजद को बनाने में उनका भी बड़ा योगदान है। अब सब कुछ ठीकठाक नहीं है। राजद का भविष्य अच्छा नहीं है। लालू जी अभी जेल में हैं। इसलिए वे चुप हैं।

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