ब अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उसे हिंदी में कंप्यूटर पर कामकाज करने में दिक्कत होती है तो मुझे अफसोस भी होता है और हँसी भी आती है। कारण, हिंदी अब सामान्य कामकाज की बुनियादी चुनौतियों से बहुत आगे बढ़ चुकी है और मुझे नहीं लगता कि अब हमें टाइपिंग, फॉन्ट आदि समस्याओं में उलझने की जरूरत है। अब तो हिंदी में आधुनिकतम अनुप्रयोगों की बात हो रही है जिनमें कृत्रिम मेधा (आटीर्फीशियल इंटेलीजेंस) से लेकर कंप्यूटरीय विश्लेषण (एनालिटिक्स) और बिग डेटा (बड़े पैमाने पर संग्रहीत सूचनाएं) से लेकर विविधतापूर्ण कंटेंट (जैसे वीडियो) की बात हो रही है। आइए, देखते हैं कि हिंदी की बुनियादी समस्याएं कैसे हल हो चुकी हैं और आज हिंदी में उत्पादकता की क्या स्थिति है।

सन् 2000 से पहले कंप्यूटरों पर हिंदी में कामकाज बड़े बेतरतीब और कामचलाऊ तरीके से होता था। कारण कि कंप्यूटरों पर हिंदी में कामकाज का सही ढांचा मौजूद नहीं था। सिर्फ हिंदी फॉन्ट ही एक चीज थी जिसके जरिए हम कंप्यूटरों पर हिंदी में लिख-पढ़ लेते थे लेकिन ये फॉन्ट मूल अंग्रेजी (लैटिन) फान्टों को आधार बनाकर काम करते थे। इन फान्टों में सिर्फ चिह्न (ग्लिफ) हिंदी के थे जबकि अंदरूनी ढांचा अंग्रेजी पर ही आधारित था। चिह्नों की वजह से हमें स्क्रीन पर हिंदी के अक्षर दिख जाते थे लेकिन कंप्यूटर की नजर में हिंदी और अंग्रेजी के टेक्स्ट में कोई फर्क नहीं था। वह हिंदी टेक्स्ट को भी अंग्रेजी का समझकर काम करता था। 1991 में यूनिकोड के आने के बाद कंप्यूटर अलग-अलग भाषाओं को पहचानने लगा। अब भाषाएं फॉन्टों पर निर्भर नहीं रहीं बल्कि आॅपरेटिंग सिस्टमों के साथ उनका सीधा तालमेल बन गया। आॅपरेटिंग सिस्टम हिंदी, उर्दू और मंदारिन जैसी भाषाओं को भी पहचानने लगे।

एक दशक भी नहीं बीता, जब कंप्यूटर पर हिंदी में काम करना आसान नहीं था। अब यह न केवल अति सरल हो गया है, बल्कि अब तो मोबाइल फोन पर बोलकर भी टाइप किया जा सकता है। कंप्यूटर की दुनिया में यहीं तक नहीं हुआ, विंडोज का नैरेटर टूल कोई सामग्री पढ़कर आपको सुना भी सकता है।

माइक्रोसॉफ्ट ने यूनिकोड के माध्यम से हिंदी और दूसरी भाषाओं को कंप्यूटर पर लाने में अहम भूमिका निभाई। विंडोज 2000 ने यूनिकोड एनकोडिंग का इस्तेमाल करते हुए हिंदी में काम करना संभव बनाया। इससे फॉन्ट और कीबोर्ड की समस्याओं के स्थायी समाधान का रास्ता खुल गया। ‘मंगल’ नामक यूनिकोड फॉन्ट जारी किया गया। हिंदी में टाइप करने के लिए इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड आया और कई तरह के इनपुट मैथड एडीटर (आईएमई) जारी हुए जिन्होंने रोमन में टाइप करते हुए देवनागरी में काम करना संभव बना दिया। कुछ और आईएमई भी आए, जिन्होंने लोगों को अपने ढंग से काम करने की सुविधा दी। तब से विंडोज के अलग-अलग संस्करणों में और एमएस आॅफिस  में हिंदी को लेकर इतना काम हो चुका है कि पुराने फॅन्टों में काम करना मुश्किल लगता है और यूनिकोड समर्थित फॉन्ट्स का प्रयोग आसान। माइक्रोसॉफ्ट के इन आपरेटिंग सिस्टमों में हिंदी यूनिकोड समर्थन मौजूद है-

 

– विंडोज 2000

– विंडोज एमई

– विंडोज एक्सपी

– विंडोज सर्वर 2003

– विंडोज विस्टा

– विंडोज 7

– विंडोज सर्वर 2008

– विंडोज 8

– विंडोज 10

विंडोज 2000 के जमाने से माइक्रोसॉफ्ट ने कई यूनिकोड समर्थित हिंदी फॉन्ट जारी किए हैं। इनमें से कुछ विंडोज में हिंदी को सक्रिय करने पर इन्स्टाल होते हैं और कुछ माइक्रोसॉफ्ट आॅफिस के माध्यम से आते हैं। विंडोज पर उपलब्ध प्रमुख यूनिकोड हिंदी फॉन्ट हैं-

– मंगल

– एरियल यूनिकोड एमएस

– अपराजिता

– कोकिला

– उत्साह

– निर्मला

गूगल और टीडीआईएल ने भी हिंदी में दर्जनों यूनिकोड आधारित फॉन्ट उपलब्ध कराए हैं जिन्हें इंटरनेट से डाउनलोड किया जा सकता है। विंडोज पर हिंदी में काम करने के लिए इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड लेआउट बेहतरीन माना जाता है। यह भारतीय भाषाओं में काम करने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो की ओर से प्रमाणित आधिकारिक कीबोर्ड लेआउट भी है। लेकिन जिन्हें इस लेआउट के जरिए टाइपिंग का अभ्यास नहीं है, वे रोमन लिपि में टाइप करते हुए देवनागरी में टेक्स्ट कनवर्जन के लिए इनपुट मैथड एडीटरों (आईएमई) का प्रयोग कर सकते हैं। ये आईएमई अंग्रेजी क्वर्टी कीबोर्ड के माध्यम से देवनागरी में टाइपिंग के लिए कई तौर-तरीकों का इस्तेमाल संभव बनाते हैं। माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट भाषाइंडिया से आप इन आईएमई को डाउनलोड कर सकते हैं-

– इंडिक इनपुट 1

– इंडिक इनपुट 2

– इंडिक इनपुट 3

– इंडिक इनपुट वेब (वेब पेजों पर हिंदी में टेक्स्ट इनपुट के लिए)

हिंदी आॅफिस सुइट

सन् 2004 में माइक्रोसॉफ्ट ने खास हिंदी भाषा में एक

आॅफिस सुइट भी जारी किया था। इसके मेनू, संदेशों, डायलॉग बाक्स वगैरह को आप अपनी सुविधा के लिहाज से अंग्रेजी या हिंदी में देख सकते थे। यह दो संस्करणों में उपलब्ध था-आॅफिस हिंदी प्रोफेशनल और आॅफिस हिंदी स्टैंडर्ड।

अपनी भाषा में अपना सिस्टम

बहुत से लोगों का सवाल होता है कि विंडोज पर हिंदी में काम करना तो संभव है लेकिन उसके सारे संदेश, मेनू, आइकनों के नाम वगैरह अंग्रेजी में क्यों आते हैं। इस सवाल का जवाब- लैंग्वेज इंटरफेस पैक (एलआईपी) के रूप में हाजिर है। माइक्रोसॉफ्ट ने हिंदी में इन आपरेटिंग सिस्टमों के एलआईपी मुहैया कराए हैं जिन्हें भाषाइंडिया वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। इन्हें इन्स्टाल करने के बाद इन विंडोज आपरेटिंग सिस्टमों में सब कुछ हिंदीमय दिखाई देता है- आइकनों के नाम, लेबल, मेनू, संदेश वगैरह-वगैरह:

– विंडोज एक्सपी

– विंडोज विस्टा

– विंडोज 7

– विंडोज 8

– विंडोज 8.1

– विंडोज 10

पहले पांच विंडोज संस्करणों के एलआईपी bhashaindia.com/Downloads/Pages/home.aspx  पर मिलेंगे। या फिर सर्च इंजन में भाषाइंडिया डाउनलोड के नाम से सर्च करके देखें। विंडोज 10 का हिंदी एलआईपी यहां मिलेगा-

http://windows.microsoft.com/en-IN/windows/language-packs#lptabs3⁄4 win10

आॅफिस का कामकाज

माइक्रोसॉफ्ट आॅफिस सुइट (आॅफिस 2007 और उसके बाद) के यूजर हिंदी में बेहतर ढंग से काम करने के लिए कई तरह की भाषाई सुविधाएं डाउनलोड कर सकते हैं। इन्हें प्रूफिंग टूल्स के नाम से जारी किया गया है। अगर आपके पास लाइसेंसशुदा आॅफिस सुइट है तो इन्हें माइक्रोसॉफ्ट की वेबसाइट से मुफ्त डाउनलोड कर इस्तेमाल करें। इनके इंस्टाल होने के बाद आपके आॅफिस साफ्टवेयरों में अंग्रेजी की ही तरह हिंदी वर्तनी जांच सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। आॅफिस 365 और आॅफिस 2016 के यूजर अब माइक्रोसॉफ्ट बिंग ट्रांसलेटर के माध्यम से दी जाने वाली अनुवाद सुविधा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। हिंदी से अंग्रेजी और अंग्रेजी से हिंदी में क्लाउड आधारित अनुवाद सुविधा का इस्तेमाल बहुत आसान है हालांकि इसके लिए आप के कंप्यूटर का इंटरनेट से कनेक्ट होना जरूरी है।

अगर आप एक डेवलपर हैं तो माइक्रोसॉफ्ट विजुअल स्टू़डियो में इंटरफेस आइटमों (मेनू, संदेश आदि) को हिंदी में देखने के लिए कैप्शंस लैंग्वेज इंटरफेस पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये भी भाषा इंडिया वेबसाइट पर मिलेंगे। विजुअल स्टूडियो 2008 और विजुअल स्टूडियो 2010 के लिए ये टूल फ्री डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं।

े भाषाइंडिया. काम से आप हिंदी भाषा से संबंधित और भी कई औजार डाउनलोड कर सकते हैं, जैसे-

े इंडिक इनस्क्रिप्ट ट्यूटर(टाइपिंग शिक्षक)

े टीबीआईएल कनवर्टर (फॉन्ट कनवर्टर)

े द्विभाषीय स्मार्ट टैग डिक्शनरी (अंग्रेजी-हिंदी)

े त्रिभाषीय स्मार्ट टैग डिक्शनरी (अंग्रेजी-हिंदी-गुजराती)

आॅनलाइन

माइक्रोसॉफ्ट का ‘बिंग’ सर्च इंजन अब पहले से काफी

बेहतर हो गया है। यहां हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में सर्च करना संभव है।

बिंग का एक अहम फीचर है- बिंग ट्रांसलेटर, जिसके जरिए हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं के बीच दस्तावेजों का अनुवाद संभव है। हिंदी से दूसरी कई भाषाओं में अनुवाद किया जा सकता है और इसके उलट क्रम में भी। बेहतर अनुवाद के लिए कोशिश रहे कि आपके वाक्य छोटे हों। यह सुविधा यहां मिलेगी-

bing.com/translator/(ref)TThis-text3⁄4-from3⁄4en-to3⁄4hi

हिंदी वेबसाइट

सन् 2003 में माइक्रोसॉफ्ट ने भाषाइंडिया.काम नामक वेबसाइट शुरू की थी जहां पर भारतीय भाषाओं में काम करने वाले यूजर्स और डेवलपर्स की जरूरतों की चीजें और जानकारी उपलब्ध है।  अगर आप भी हिंदी में काम करने के लिए टूल्स या जानकारी की तलाश कर रहे हैं तो यहां जाएं- bhashaindia.com

अगर आप कंप्यूटर, इंटरनेट, सोशल मीडिया वगैरह के बारे में हिंदी में पढ़ना चाहते हैं तो माइक्रोसॉफ्ट की डिजिटल लिटरेसी वेबसाइट पर जाएं। यह कई भाषाओं में उपलब्ध है, जिनमें से हिंदी भी एक है। यूआरएल है-

https://www.microsoft.com/hi-in/digitalliteracy/curriculum2/aspx

मैकिंटोश में हिंदी

एपल मैकिन्टोश कंप्यूटरों पर हिंदी में काम करने के लिए जरूरी सेटिंग्स इस तरह करें-

सिस्टम प्रेफरेंसेज इंटरनेशनल लैंग्वेज एंड टेक्स्ट इनपुट सोर्सेज देवनागरी क्वर्टी या देवनागरी (की बोर्ड लेआउट)

इनमें से पहला कीबोर्ड लेआउट रोमन में टाइप करते हुए देवनागरी टेक्स्ट अंकित करने की सुविधा देता है। दूसरा कीबोर्ड लेआउट इनस्क्रिप्ट आधारित है। अनुकूल कीबोर्ड लेआउट का चुनाव करने के बाद जब भी टाइप करना चाहें, ऊपर दाईं तरफ दिखने वाली भाषा वरीयता पर क्लिक करके अपना पसंदीदा लेआउट चुनें और टाइप करना शुरू कर दें।

एंड्रोयड में हिंदी

गूगल प्ले स्टोर पर जाकर गूगल इंडिक कीबोर्ड नामक फ्री एप्प डाउनलोड कीजिए और इंस्टाल कर लीजिए। यह आपके मोबाइल में हिंदी और 10 दूसरी भारतीय भाषाओं में यूनिकोड के जरिए काम करना संभव बना देता है। आपको अपने कामकाज की भाषा के रूप में हिंदी का चुनाव करना होगा। आप चाहें तो अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं को भी जोड़ सकते हैं। जितनी भाषाएं आप चुनेंगे, उतने ही विकल्प टाइपिंग के समय दिखाए जाएंगे।

आइफोन और आइपैड में हिंदी

एपल के आइओएस आॅपरेटिंग सिस्टम पर आधारित गैजेट्स (आइफोन, आइपैड) में हिंदी में काम करने के लिए जरूरी सेटिंग्स इस तरह हैं-

सेटिंग्स जनरल कीबोर्ड्स एड न्यू कीबोर्ड हिंदी (कीबोर्ड चुनें)

अब जब भी आप टाइपिंग शुरू करें, कीबोर्ड के साथ दिखने वाले ग्लोब के निशान पर टैप करके देवनागरी में टाइप करना शुरू कर दें।

हिंदी में वॉयस टाइपिंग

अब एंड्रोइड आॅपरेटिंग सिस्टम के जरिए मोबाइल पर तो हिंदी में बोलकर टाइप करना संभव है ही, माइक्रोसॉफ्ट आॅफिस के नए संस्करणों में भी एक प्लग-इन की मदद से ऐसा किया जा सकता है। गूगल ड्राइव, जो कि एक आॅनलाइन उत्पादकता सुइट और क्लाउड स्टोरेज है, में भी आप बोलकर टाइप कर सकते हैं। इन दस्तावेजों को बाद में अपने सिस्टम पर डाउनलोड भी कर सकते हैं।

अन्य आधुनिक सुविधाएं

हिंदी में अब हस्तलिपि की पहचान भी संभव हो गई है तो दस्तावेजों को स्कैन करके उनकी सामग्री को कंप्यूटर पर सॉफ्ट कॉपी के रूप में सहेजना भी संभव है। इतना ही नहीं, हिंदी में मशीन अनुवाद अब पहले से बहुत बेहतर हो गया है। माइक्रोसॉफ्ट के बिंग ट्रांसलेटर और गूगल ट्रांसलेट दोनों ही अब अनुवाद के लिए न्यूरल नेटवर्कों का इस्तेमाल करते हैं जिन्होंने मशीनी अनुवाद को कम से कम 25 फीसदी बेहतर बना दिया है। विंडोज का नैरेटर टूल अब हिंदी के दस्तावेजों को पढ़कर  सुनाने में भी सक्षम है। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जहां तक उत्पादकता का सवाल है, हिंदी में काम करने के इच्छुक लोगों के सामने कोई बाधा शेष नहीं रह गई है।

साभार: बहुबचन

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