राजस्थान में विधानसभा चुनाव प्रचार अपनी पूरी रंगत पर है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के स्टार प्रचारक पूरी ताकत के साथ अपनी-अपनी पार्टी को सत्तासीन करने के लिए रात-दिन लगे हैं। बीजेपी के पास गिनाने को केन्द्र और राज्य सरकार के विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त है। वहीं कांग्रेस, वसुंधरा राजे सरकार की नाकामयाबियों को उजागर करने में लगी है। चुनाव में स्थानीय मुद्दों के बजाय राष्ट्रीय मुद्दे ही ज्यादा हावी हैं। जहां बीजेपी प्रदेश में हुए चहुंमुखी विकास के दम पर चुनाव मैदान में उतरी है, वहीं कांग्रेस ने श्रीराम मंदिर, राफेल और नोटबंदी को प्रमुख मुद्दा बनाया है, इन्हीं मुद्दों के सहारे पार्टी लगातार बीजेपी पर तीखे हमले कर रही है। जयपुर में युवाओं से चर्चा के दौरान राजस्थान के सियासी ट्रेंड पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा था- यह मिथ्या प्रचार है, भैरो सिंह शेखावत ने दो बार सरकार बनाई, कांग्रेस ने भी बनाई। उन्होंने दावा किया यदि यह मिथक भी है तो हम युवाओं के दम पर इसको तोड़ेंगे।

राजस्थान में पिछले बीस वर्षों से एक मिथक है कि कोई भी पार्टी पांच साल बाद दोबारा सत्ता में नहीं आती है। बीजेपी विकास के दम पर इस मिथक को तोड़ना चाहती है। वहीं कांग्रेस इसी मिथक के सहारे अपने आप को सत्ता के करीब मानकर चल रही है। अब देखना यह है कि ‘महारानी’ इस चुनावी चक्रव्यूह तोड़ मिथक तोड़ने में सफल होती हैं या नहीं।

कांग्रेस ने इस चुनाव में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर बाहरी बनाम स्थानीय मुद्दे को हवा देने की कोशिश की लेकिन राजे के पलटवार के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे से हाथ झाड़ लिया। राजे ने अपने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा था जो लोग मेरा गोत्र पूछ रहे हैं, मैं बता देना चाहती हूं कि मेरी डोली राजस्थान में आई थी, जब जाएगी तो मेरी अर्थी ही जाएगी। आखिरी सांस तक मैं यहां लोगों की सेवा करती रहूंगी। कांग्रेस भ्रम फैला रही है कि हर पांच साल में सत्ता बदलने का ट्रेंड है। एक बार बीजेपी, अगली बार कांग्रेस की बारी आती है। बीजेपी यह भ्रम तोड़ेगी। बीजेपी कांग्रेस को नेतृत्व और मुद्दा विहीन करार दे रही हैं। बकौल केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, ‘कांग्रेस के पास केवल राफेल, राममंदिर और नोटबंदी तीन ही मुद्दे हंै। तीनों ही मुद्दों पर कांग्रेस फेल हो चुकी है। कांग्रेस के हर रक्षा सौदे में बिचौलिये होते थे। लेकिन हमारी सरकार ने यह सब बंद कर दिया है, इसलिए कांग्रेस को परेशानी हो रही है। साथ ही नोटबंदी और राम मंदिर मुद्दा होता तो बीजेपी भारी बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं बना पाती। बीजेपी का दावा है कि पांच वर्ष के कार्यकाल में ऐसे कई काम है, जो पिछले पचास वर्षों में राजस्थान में पहली बार हुए हैं। पांच वर्ष पूर्व कांग्रेस की गहलोत सरकार के समय राजस्थान का बजट महज 94 हजार करोड़ रुपये था, जो बीजेपी सरकार में बढ़कर 2 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। राजस्व भी 52 हजार करोड़ बढ़कर 1 लाख 3 हजार करोड़ रुपये का हो गया है। प्रति व्यक्ति आय 61 हजार से बढ़कर 76 हजार रुपये तक पहुंची है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के माध्यम से बेहतरीन काम हुए। बीते पांच वर्षों में ही भू-जल स्तर 11 फीट ऊपर आया है। 13वें वित्त आयोग के दौरान कांग्रेसनीत यूपीए सरकार ने राजस्थान को केवल 1 लाख 9 हजार 244 करोड़ रुपये दिए थे, जबकि मोदी सरकार ने 14वें वित्त आयोग में 2 लाख 63 हजार 580 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं। इसके अतिरिक्त केन्द्रीय योजनाओं में राजस्थान को अलग से लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की राशि दी गई। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी विमल कटियार कहते हैं- ‘कांग्रेस ने पिछले पांच दशक से अधिक के शासन में जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति करके देश को तबाह किया है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने देश से इन तीनों बुराइयों को खत्म किया है। देश में 55 साल तक गांधी-नेहरू परिवार का पंचायत से लेकर संसद तक शासन रहने के बावजूद कांग्रेस पार्टी ने देश के 50 करोड़ गरीबों को सशक्त बनाने के लिए कुछ भी नहीं किया। वहीं बीजेपी के दावों को झूठा और पांच साल के शासन को विफल करार देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट आरोप लगाते हुए कहते हैं- ‘पांच सालों में प्रदेश पर कर्ज लगभग तीन गुना हो गया, कृषि विकास दर घटकर आधी से भी कम रह गई, किसानों को यूरिया नहीं मिल रहा, झालावाड़ जिले में ही राष्ट्रीय बीज निगम द्वारा नकली बीज वितरित किए गए, समर्थन मूल्य पर खरीद को लेकर जहां किसान परेशान हुए वहीं खरीद तंत्र में भारी घपले पकड़े गए और केन्द्र सरकार ने यूपीए सरकार की तुलना में समर्थन मूल्य की बढ़ोत्तरी अपेक्षाकृत कम करके किसानों की स्थिति खराब की। प्रदेश की बेरोजगारी दर 13.7 पहुंच गई है जो राष्ट्रीय औसत 6.7 की दोगुनी से ज्यादा है। केन्द्र और राज्य सरकार की उपेक्षा के कारण प्रदेश की पांच बड़ी रेल परियोजनाएं ठप कर दी गई हैं, क्योंकि यह कांग्रेस सरकार द्वारा स्वीकृत की गई थी और बीजेपी सरकार ने संकीर्ण सोच के कारण इनको आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के संरक्षण में 45 हजार करोड़ के खान घोटाले, निरंतर चल रहे बजरी खनन घोटाले, लहसुन घोटाले, एलईडी घोटाले और 105 मिलावटखोरों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस लिए गए। इससे साफ हो गया है कि बीजेपी सरकार ने पूरे पांच साल भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का काम किया। कांग्रेस के तमाम आरोपों को बीजेपी सिरे से खारिज करती है। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर कहते हैं कि जो स्वयं चार्जशीटेड हैं, वे हमारी सरकार पर क्या चार्ज लगाएंगे। राहुल और सोनिया कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। कांग्रेस ने माओवादियों को क्रांतिकारी कहने वाले राज बब्बर और गुजरात से बिहारियों को खदेड़ने वाले अल्पेश ठाकुर को अपना स्टार प्रचारक बनाया है। ये लोग क्या चुनाव प्रचार करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here