बा इस जनवरी को जब कुमैलनांजियानी और ट्रेसी एलिस रॉस नेएकेडमी अवार्ड के लिए नामांकितफिल्मों और कलाकारों एवं तकनीशियनों कीसूची जारी की, तो उसमें कई उल्लेख सुखदआश्चर्य के रूप में सामने आये। इसमें भारत केलिए कुछ उदासी और कुछ खुशी की खबर है।बेहतरीन विदेशी फिल्म श्रेणी में भारत की ओरसे आधिकारिक तौर पर भेजी गयी रीमा दास द्वारानिर्देशित ‘रॉकस्टार्स’ इसमें स्थान नहीं पा सकी है,लेकिन उत्तर प्रदेश के हापुड़ में मासिक धर्म कीमुश्किलों का सामना करती महिलाओं का चित्रणकरने वाली डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘पीरियड : एंड आॅफसेंटेंस’ को डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में जगह मिली है। इसफिल्म का निर्देशन रायका जेहताबची ने कियाहै और इसकी कार्यकारी निर्माता गुनीत मोंगा हैं।इसमें मासिक धर्म से जुड़ी हुईं भ्रामक मान्यताओंतथा सैनेटरी पैड बनाने वाली मशीन के आने केबाद कस्बे में बदलाव का वर्णन है। फिल्म मेंकिंवदंती बन चुके अरुणाचलम मुरुगानाथम भीहैं, जिनके जीवन और कार्य पर कुछ समय पहलेअक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘पैड मैन’ बनी थी।भारत का जलवा इस साल के पुरस्कारों मेंइस कारण खास हो गया है कि भारतीय कंपनियोंद्वारा निर्मित फिल्मों को 13 पुरस्कारों के लिएनामित किया गया है। अनिल अंबानी के अगुवाईमें चल रही रिलायंस इंटरटेंमेंट के सहयोग सेबनीं- ‘ग्रीन बुक’, ‘फर्स्ट मैन’ एवं ‘रेडी प्लेयरवन’- फिल्मों को 10 नामांकन मिले हैं। ‘ग्रीनबुक’ ने पांच श्रेणियों में, ‘फर्स्ट मैन’ ने चारश्रेणियों में तथा ‘रेडी प्लेयर वन’ को एक श्रेणी मेंजगह मिली है। पीटर फरेली के निर्देशन में बनी’ग्रीन बुक’ 1960 के अमेरिका के दक्षिणी हिस्सेमें दो संगीतकारों और उनके वाहन चालक कीयात्रा की कहानी है। फिल्म ने बॉक्स आॅफिसपर खूब कमाई भी की है। माना जा रहा है किइसके खाते में कुछ पुरस्कार जरूर आयेंगे।

आॅस्कर निर्णायक मंडली ने अपनी नामांकन सूची घोषित कर दी है। देश के लिए यह अच्छी खबर है कि इसमें डॉक्यूमेंट्री फिल्म’पीरियड : एंड आॅफ सेंटेंस’को डॉक्यूमेंट्री श्रेणी में जगहमिल गई है। इसमें मासिक धर्म से जुड़ी हुई भ्रामक मान्यताओं को मुद्दा बनाया गया है।

‘फर्स्ट मैन’ चांद पर कदम रखने वाले पहलेमानव नील आर्मस्ट्रॉन्ग की जीवनी पर बनी है और इसका निर्देशन डैमिएन शेजेल ने किया है। दुनियाके महानतम फिल्मकारों में गिने जाने वाले स्टीवनस्पिलबर्ग इस फिल्म के कार्यकारी निर्माता हैं। जेम्सहैंसेन द्वारा लिखित आर्मस्ट्रॉन्ग की जीवनी कीतरह यह फिल्म भी बहुत कामयाब रही है। स्टीवनस्पिलबर्ग की ‘रेडी प्लेयर वन’ साइंस फिक्शन है।बॉक्स आॅफिस पर पिछले साल यह फिल्म भी धूममचा चुकी है। मुंबई की स्टूडियो कंपनी सिनेस्तानफिल्म कंपनी ने ‘कोल्ड वार’ में निवेश किया है।पावेल पावलिकोवस्की द्वारा निर्देशित इस ब्लैक एंडव्हाइट फिल्म को तीन नामांकन मिले हैं। यह पोलैंडसे ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली पहली फिल्मबन गयी है। इस फिल्म के लिए पावलिकोवस्की को पिछले साल कान फिल्म समारोह में बेहतरीननिर्देशन का पुरस्कार मिल चुका है। साल 2015में ‘इदा’ के लिए वे बेहतरीन विदेशी फिल्म काआॅस्कर पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। ‘कोल्डवार’ को बेहतरीन निर्देशन, बेहतरीन विदेशीफिल्म और बेहतरीन सिनेमैटोग्राफी के लिए नामितकिया गया है। इन श्रेणियों में इसका मुकाबलामैक्सिको के फिल्मकार अल्फोंसो कुआरॉनकी ‘रोमा’ से है। इसे नेटिलक्स ने बनाया है।कुआरॉन की ‘रोमा’ और ओलिविया कोलमैनकी ‘द फेवरिट’ को दस श्रेणियों में स्थान मिला है।’ए स्टार इज बॉर्न’ और ‘वाइस’ को आठ, ‘ब्लैकपैंथर’ को सात, ‘बोहेमियन रैपसोडी’ और ‘ग्रीनबुक’ को पांच तथा ‘फर्स्ट मैन’ और ‘मेरी पॉपिंसरिटर्न्स’ को चार नामांकन हासिल हुए हैं। असलीमुकाबला इन्हीं फिल्मों के बीच होना है। शायदज्यादा पुरस्कार भी इनके खाते में जा सकते हैं।इस विवरण से साफ है कि इस बार कथानक,निर्देशन, निवेश और कलाकारों के लिहाज सेव्यापक विविधता है। ज्यादातर फिल्मों में गैरअमेरिकी कई स्तरों पर प्रमुखता से जुड़े हैं।आॅस्कर निर्णायक मंडली में बीते तीन सालों सेजो राष्ट्रीयता, जातीयता, लिंग और रंग के मामलेमें अमेरिका के गैर-श्वेतों तथा बाहर के लोगों की तादाद बढ़ी है, उसका असर इस वर्ष के नामांकनसूची पर झलक रहा है। यह न सिर्फ हॉलीवुड केलिए, बल्कि विश्व सिनेमा के लिए एक सराहनीयबदलाव है। अगले महीने की 24 तारीख को रंगारंगकार्यक्रम में विजेताओं की घोषणा होगी।

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