आवरण कथा

सीबीआई में सफाई अभियान

सीबीआई में जो कुछ हुआ, वह हर दृष्टि से देश की शीर्ष जांच एजेंसी की छवि पर बट्टा लगाने वाला है। विपक्ष सरकार पर हमले कर रहा है, वकीलों का एक समूह भी सरकार पर सीबीआई की स्वायत्तता में हस्तक्षेप करने का आरोप लगा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल...

पांच राज्यों के चुनाव में ऊंट किस करवट बैठेगा

चुनाव आयोग की घोषणा के काफी पहले ही राजनीतिक दलों ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को लेकर अभियान शुरू कर दिया था। वैसे भी ये चुनाव अगले वर्ष यानी 2019 में होने वाले आम चुनाव की पूर्वपीठिका के समान हैं। 11 दिसंबर को मतगणना के बाद परिणाम चाहे...

मान गए किसान

किसान क्रांति यात्रा की राजधानी से वापसी पर नरेन्द्र मोदी सरकार ने निश्चित रूप से राहत की सांस ली होगी। हालांकि विपक्ष को अवश्य इससे निराशा मिली होगी, जो ये सोच कर खुश हो रहा था कि गुस्से में दिख रहे किसान आसानी से नहीं मानेंगे और सरकार की...

दो साल तक मनेगा गांधी जन्मोत्सव

मोदी सरकार ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती को दो साल तक मनाने की योजना बनाई है। यह कार्यक्रम 2 अक्टूबर, 2018 से शुरू होकर 2 अक्टूबर, 2020 तक चलेगा। बताते चलें कि ‘गांधी-150’ नामक यह आयोजन न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी होगा। 18...

अपनी ढपली अपना राग !

इस साल दो अक्टूबर से महात्मा गांधी की डेढ़ सौवीं जयंती की शुरुआत हो गई है। गांधी जी की जयंती तब भी मनाई जाती रही है, जब वे जीवित थे। वे अपने जीते-जी सभी को हिदायत देते रहे कि उनकी जयंती आडम्बर के साथ न मनाई जाए। सरकारें तो...

वैचारिकता के सूत्र पर गांधी, लोहिया और दीनदयाल

दीनदयाल उपाध्याय का भारतीय राजनीति में जब भी जिक्र होता है, उनके बारे में एकांगी तरीके से ही विचार बनाया जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी के प्रति जिस तरह का नैरेटिव विकसित हुआ है, उसकी वजह से दीनदयाल की राजनीतिक महत्ता को नकार दिया जाता...

काले धन के ग्रहण में आम चुनाव

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के यह कहने के बाद कि चुनाव के दौरान काले धन पर लगाम लगाने के लिए मौजूदा कानून नाकाफी साबित हो रहे हैं, चुनाव में वित्तीय कदाचार यानी काले धन के उपयोग पर सघन बहस आरंभ हो गई है। वास्तव में चुनाव आयोग पिछले...

बैंकों के गुनहगार

बैंकों के बैड लोन का मसला लगातार गंभीर होता जा रहा है। बैंकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) साढ़े ग्यारह लाख करोड़ के स्तर को भी पार कर गयी हैं। इस वक्त सरकारी और गैर सरकारी दोनों क्षेत्रों के बैंक एनपीए की समस्या से जूझ रहे हैं। दिसंबर 2017...

हिंदी ऐसे बनेगी राजकाज की भाषा

तकरीबन एक साथ आजादी हासिल करने वाले दो देशों के राष्ट्रनायकों की प्रतिक्रियाएं एक जैसी थीं। अपनी प्रतिक्रियाओं में उन नायकों के अपने-अपने राष्ट्रों के निर्माण की भावी रूपरेखा के साफ संकेत दिए थे। गांधी जी की प्रतिक्रिया पर भारत नहीं चल पाया, जबकि भारत से हजारों मील दूर...

हिंदी में आधुनिक अनुप्रयोगों का दौर

अब अगर कोई व्यक्ति यह कहता है कि उसे हिंदी में कंप्यूटर पर कामकाज करने में दिक्कत होती है तो मुझे अफसोस भी होता है और हँसी भी आती है। कारण, हिंदी अब सामान्य कामकाज की बुनियादी चुनौतियों से बहुत आगे बढ़ चुकी है और मुझे नहीं लगता कि...