समाज

शरिया अदालतों पर प्रतिबंध हो

आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने दारुल कज़ा यानी शरिया अदालतों की वकालत शुरू कर दी है। इसके सदस्य जफरयाब जिलानी के अनुसार बोर्ड देश भर के प्रत्येक जिले में इस्लामी कानून पर आधारित अदालतें कायम करना चाहता है। उनकी मानें तो ये अदालतें मुसलमानों के पारिवारिक झगड़े...

अब कलियुग में भी पैदा होंगे अभिमन्यु

मांके पेट से कोई सीख कर नहीं आता’ अकसर यह कहावत सुनने को मिल जाती है। बस अर्जुन पुत्र अभिमन्यु ही इस कहावत के अपवाद हैं। अभिमन्यु अपनी मां के गर्भ में ही चक्रव्यूह भेदना सीख गए थे। महाभारत काल की इस प्रचलित कथा को अगर छोड़ दें, तो...

रिश्तों में दरार बनाता सोशल मीडिया

दिनचर्या में फेसबुक, वाट्सएप जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। हर नये के साथ नये प्रकार की समस्याएं भी जन्मती है। यही सोशल मीडिया के साथ भी हो रहा है। देश में बढ़ते सोशल मीडिया के चलन ने कई विकारों को बल दिया...

एक रात, 11 मौत और अंधविश्वास

दिल्ली में बुराड़ी के संतनगर में 30 जून की रात एक मकान में जो कुछ हुआ, उस पर अब भी भरोसा नहीं होता। एक रात और 11 लोगों की मौत। उसके बाद हर रोज एक नई कहानी। रहस्य की परतें खत्म होने का नाम नहीं ले रही। मौत की...

बूढ़ी होती आबादी के लिए हम तैयार हैं?

बारह हजार करोड़ की रेमंड ग्रुप के मालिक 78 वर्षीय विजयपत सिंघानिया एक-एक पैसों के लिए मोहताज हो गए। उनके बेटे गौतम ने उन्हें न केवल घर से बेदखल कर दिया बल्कि गाड़ी व उनका ड्राइवर तक छीन लिया। मजबूर होकर विजयपत को बाम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करके...

आम किसान से बांध निर्माता बनने का सफर

अ मूमन हर राजनीतिज्ञ खुद को समाजसेवी बताता है। इनमें से भी ज्यादातर पूर्णकालिक राजनीति में आनेके बाद टिकट और कुर्सी की जोड़तोड़ में लग जाते हैं और समाजसेवा सिर्फ उनके बायोडेटा का हिस्साबनकर रह जाता है। लेकिन कई राजनीतिज्ञ ऐसे भी हैं, जिन्होंने समाजसेवा के लिए जीवन समर्पित करदिया।...