फीचर

कोई रहे या न रहे मेला लगता रहेगा

स्वामी रामानन्द को मध्यकालीन भक्ति आंदोलन का महान संत माना जाता है। उन्होंने रामभक्ति की धारा को समाज के निचले तबके तक पहुंचाया। वे पहले ऐसे आचार्य हुए जिन्होंने उत्तर भारत में भक्ति मार्ग का प्रचार किया। उनके बारे में प्रचलित कहावत है कि 'द्रविड़ भक्ति उपजौ-लायो रामानंद।' यानी...

गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण अच्छा कदम: रामभद्राचार्य

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने के फैसले से जहां राजनीति का मास्टरस्ट्रोक लगाया है। वहीं मेले में राममंदिर निर्माण की सर्वाधिक चर्चा है। कुछ संत संस्कृत के सम्मान न होने से बेहद दुखी हैं। वे दुखी मन से कहते हैं...

चर्मरोग मुक्त हो भारत: महेशानन्द

 पंचायती श्रीनिरंजनी अखाड़ा के महामण्डलेश्वर स्वामी महेशानन्द गिरि 'चर्म रोग मुक्तभारत' की संकल्पना को लेकर कार्य कर रहे हैं। उनका आयुर्वेद पर गहन अध्ययन है। वेभारतीय चिकित्सा पद्धति को नष्ट किये जाने से दुखी हैं। स्वामी महेशानन्द गिरि से युगवार्ताके उत्तर प्रदेश प्रतिनिधि राजेश तिवारी ने बातचीत की। ...

‘बगैर प्रेम के हमारा वजूद ही नहीं’

रहमान अब्बास उर्दू दुनिया के प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं, जो अपनी बेबाक रचनात्मक शैली के लिए जाने जाते हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा के धुर समर्थक रहमान अब्बास उर्दू में रूढ़िवादिता के विरोधी माने जाते हैं। परंपरा से हटकर समाज की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करने के हिमायती हैं। समाजी हकीकत पर...

‘जनता बीजेपी के झांसे में नहीं आएगी’

आप अक्सर कहते हैं कि बीजेपी को हराना है। अकेले सपा बसपा या कांग्रेस उसको हराने की स्थिति में नहीं हैं। तो क्या लोकसभा चुनाव में इन दलों का गठबंधन हो सकता? बहुजन समाज पार्टी से समाजवादी पार्टी का गठबंधन लगभग तय है। ...

कुम्हलाती जीवन संध्या

4अक्टूबर 2017 को अलीगंज (लखनऊ) में 75 साल की बुजुर्ग औरत ने पुलिस में आरोप दर्ज कराया कि कि उसके चार बेट-बहू में से कोई भी उसे रखने को तैयार नहीं। 12 अक्टूबर 2017 को इंदौर के समंदर सिंह ने आरोप दर्ज कराया कि उनकी पत्नी, बहू, बेटे और परिजनों ने...

श्रीराम के आदर्शों को विस्तार देतीं रामलीलाएं

उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय रामलीला का उदय बनारस से माना जाता है। बनारस के निकट रामनगर की रामलीला अपनी अलग शैली के लिए विख्यात है। रामलीला के दर्शक और माहौल समय के साथ भले ही बदल गया हो, लेकिन रामलीला का मंचन बिल्कुल नहीं भी बदला है। विशाल मुक्ताकाश...

पुतलों की कलाकारी

शरद ऋतु जैसी मनोहर ऋतु का आगमन हो गया। आकाश साफ, धूप मध्यम और हवा कुछ ठंडी बह रही है। फूला हुआ कास झूम रहा है। ऐसे ही समय में त्योहारों का आगमन होता है। शारदीय नवरात्र के साथ विजय दशमी की तैयारियां चल रही हैं। सुबह से शाम तक...

शक्ति संचय का पर्व

नवरात्र शक्ति के आवाहन का पर्व है। शक्ति के अवतरण के लिए आधारभूमि तैयार करने का साधना काल है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार त्रेता युग में श्रीराम ने भी शक्ति की अराधना की थी और अंतत: आदिमाता भगवती के आशीर्वाद से विजयादशमी के दिन जनपीड़क रावण का वध कर...

फैसला हमारे पक्ष में ही आ रहा है : आलोक कुमार

आलोक कुमार कानून के जानकार हैं। हाल ही में विश्व हिन्दू परिषद ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। विश्व हिन्दू परिषद राम जन्मभूमि के लिए लंबे समय से काम कर रही है। एक कार्यकारी अध्यक्ष होने के नाते उनकी जिम्मेदारियों और अयोध्या मसले पर विहिप की योजनाओं...