फीचर

श्रीराम के आदर्शों को विस्तार देतीं रामलीलाएं

उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय रामलीला का उदय बनारस से माना जाता है। बनारस के निकट रामनगर की रामलीला अपनी अलग शैली के लिए विख्यात है। रामलीला के दर्शक और माहौल समय के साथ भले ही बदल गया हो, लेकिन रामलीला का मंचन बिल्कुल नहीं भी बदला है। विशाल मुक्ताकाश...

पुतलों की कलाकारी

शरद ऋतु जैसी मनोहर ऋतु का आगमन हो गया। आकाश साफ, धूप मध्यम और हवा कुछ ठंडी बह रही है। फूला हुआ कास झूम रहा है। ऐसे ही समय में त्योहारों का आगमन होता है। शारदीय नवरात्र के साथ विजय दशमी की तैयारियां चल रही हैं। सुबह से शाम तक...

शक्ति संचय का पर्व

नवरात्र शक्ति के आवाहन का पर्व है। शक्ति के अवतरण के लिए आधारभूमि तैयार करने का साधना काल है। पौराणिक आख्यानों के अनुसार त्रेता युग में श्रीराम ने भी शक्ति की अराधना की थी और अंतत: आदिमाता भगवती के आशीर्वाद से विजयादशमी के दिन जनपीड़क रावण का वध कर...

फैसला हमारे पक्ष में ही आ रहा है : आलोक कुमार

आलोक कुमार कानून के जानकार हैं। हाल ही में विश्व हिन्दू परिषद ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। विश्व हिन्दू परिषद राम जन्मभूमि के लिए लंबे समय से काम कर रही है। एक कार्यकारी अध्यक्ष होने के नाते उनकी जिम्मेदारियों और अयोध्या मसले पर विहिप की योजनाओं...

‘मनरेगा में होगा पर्यटन स्थल विकसित करने का प्रावधान’

पंचायती राज, ग्रामीण विकास व पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर प्रदेश की कुटलैहड़ विधानसभा का पंद्रह साल से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह शायद पहला अवसर होगा, जब हिमाचल में पंचायत का उपप्रधान और जिला परिषद सदस्य उसी विभाग का मंत्री बना। प्रदेश में पंचायतों को सुदृढ़ करने की जिम्मेदारी अब...

‘मेरे नाटक मेरी अनुभूति हैं’

इंट्रो- दया प्रकाश सिन्हा साहित्य-संस्कृति के क्षेत्र में एक ऐसा नाम है, जो नाटककार, निर्देशक और सांस्कृतिक प्रशासक के रूप में जाना जाता है। वरिष्ठ रंगकर्मी के रूप में उनकी एक विशिष्ट पहचान है। उनका काम इस बात की गवाही देता है। उन्होंने लगभग डेढ़ दर्जन नाटक लिखे हैं। लगभग पचास...

श्राद्ध परंपरा- आत्मा के अनश्वर अस्तित्व की परिचायक

मानवीय चेतना को उसके पूर्ण विकास तक ले जाना ही हमारी ऋषि संस्कृति का एकमात्र उद्देश्य रहा है। मरणेत्तर श्राद्ध-तर्पण की क्रियाएं इसी का एक प्रखर प्रमाण हैं। वर्ष में पितृपक्ष के पंद्रह दिन विशेष तौर से इसी के लिए नियत किये गये हैं, जिसकी मिसाल अन्य किसी देश-संस्कृति में...

वास्तुशास्त्र के जनक देवशिल्पी विश्वकर्मा

प्राचीनकाल में विश्वकर्मा नाम के एक मूर्धन्य वास्तुविद थे जिन्हें चिरपुरातन वास्तुशास्त्र का जनक माना जाता है। ऋग्वेद में इन्हें लोकमंगल की दृष्टि से सदैव वास्तु विद्या के अनुसंधानों में निरत रहने वाला आदि शिल्पी बताया गया है। ऋग्वेद के दशम मंडल के 81वें व 82वें सूक्त में दिव्य...

डाकिया ही हमारा ब्रांड एंबेसडर है: मनोज सिन्हा

बीते एक सितंबर को ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक’ (आईपीपीबी) का नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया। ‘आपका बैंक आपके द्वार’ पर इसका घोष वाक्य है। इसके बारे में दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा का कहना है कि यह विश्व का सबसे बड़ा बैंकिंग नेटवर्क होगा, जिसका ध्यान खासकर...

शुभत्व के पर्याय विघ्नहर्ता गणेश

गजानन गणेश भारतीय संस्कृति के अभिन्न अंग हैं। हिन्दू समाज का कोई भी कार्य गणपति को नमन के बिना शुरू नहीं किया जाता क्योंकि वे सुख-समृद्धि, वैभव एवं आनंद के अधिष्ठाता हैं। वे विघ्नहर्ता हैं। शुभत्व का पर्याय हैं। श्री विनायक की अनूठी काया में मानवीय प्रबंधन के ऐसे अनूठे...