अर्थ जगत

विषम परिस्थिति परवान पर उम्मीदें

आर्थिक मोर्चे पर रुपये की कीमत में हुई गिरावट और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में हो रही बढ़ोतरी की वजह से देश विषम आर्थिक परिस्थितियों का सामना कर रहा है। लेकिन इसी बीच भारत की अर्थव्यवस्था के लिए नये साल की पहली तिमाही के विकास दर के आंकड़ों के...

गिरता रुपया, चढ़ता तेल

देश के सामने आर्थिक चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर रुपये में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है, दूसरी ओर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दिन ब दिन चढ़ते जा रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले केंद्र सरकार के सामने आर्थिक चुनौतियां विकराल होती जा रही...

बढ़ेगा ब्याज का बोझ

अक्टूबर 2013 के बाद पहली बार भारतीय रिजर्व बैंक ने दो लगातार बैठकों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने रीपो रेट और रिवर्स रीपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। हालांकि महंगाई की संभावना को...

जीएसटी से सधेगी जनता

गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स काउंसिल की 28वीं बैठक में उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए जिस तरह से राहत का ऐलान किया गया है, उससे यही लगता है कि सरकार पूरी तरह से जीएसटी के सहारे देश की जनता को साधने की जुगत में लगी है। जुलाई 2017 में जब...

रो रहा हूं मैं…

भारतीय रुपया मुद्रा बाजार में लुढ़कने का नया रिकॉर्ड बना रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया बार-बार 70 के स्तर को पार कर रहा है। बाजार विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि रुपये की कीमत में मुख्य रूप से वैश्विक कारकों की वजह से गिरावट आ रही...

अर्थव्यवस्था पर वैचारिक द्वंद्व

विकास के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था ऊंची उड़ान भर रही है। विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत फ्रांस को पछाड़कर दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है। लेकिन, विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन का कहना है...

जीएसटी: कामयाबी का एक साल

देश के सबसे बड़े कर सुधार गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) ने पहला साल पूरा कर लिया है। भारत सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रही है। भारत जैसे विशाल देश में एक नई टैक्स प्रणाली की शुरुआत करना और उसे एक साल की अवधि में...