कला-संस्कृति

दूर से ही बुलाते मीनारों वाले कुएं

राजस्थान के के लोगों से सुना जाता है कि घी व्यर्थ में बह जाए तो कुछ नहीं लेकिन जल व्यर्थ में नहीं बहना चाहिए। ऐसे सूखे क्षेत्र में कुएं और तालाब पानी के मुख्य स्रोत हुआ करते थे। हमारे जीवन में जल का बहुत महत्त्व है। जल के बिना...

11वीं सदी के मंदिरों के अस्तित्व पर खतरा

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में बेतवा नदी किनारे ग्यारहवीं सदी का शिव मंदिर आज भी अपनी भव्यता और अलौकिक शक्ति के लिये पूरे क्षेत्र में विख्यात है। इस मंदिर के अलावा कई प्राचीन मंदिरों में बेश कीमती मूर्तियां विराजमान हैं। किसी जमाने में यह क्षेत्र अंग्रेजों का व्यापारिक...

घर ले जाएं इतिहास की प्रतिकृतियां

हमारी विरासत ही हमारी पहचान है। आज भी कहीं न कहीं खण्डहरों और पुरा संपदा में हम अपने पूर्वजों की झलक देखते हैं और चिन्हों में अपना मान खोजते हैं। वैसे तो भारत में इतनी अधिक पुरा संपदा बिखरी पड़ी है कि एक जन्म क्या, कई जन्म भी इस...

किस्से-कहानियों वाला आमेर किला

आमेर का किला अब केवल राज परिवारों के रहने की जगह नहीं रहा, बल्कि यह इतिहास समझने औरपरखने की जगह भी है। मुगलों के साथ राजपूताना संपर्क और संघर्ष, उनकी साझेदारी, उनका कला–संस्कृति के प्रति आदान–प्रदान जाननेके लिए यहां एक बार अवश्य आना चाहिए। एक किला या दुर्ग घूमना मानो...