मुद्दा

अब संस्कृत हुई सांप्रदायिक!

याचिकाकर्ता को कौन बताए कि इस्लामिक देश इंडोनेशिया की जलसेना का ध्येय वाक्य ‘जलेष्वेव जयामहे’ यानी जल में ही जीतना चाहिए। जब उस इस्लामिक मुल्क को संस्कृत से परहेज नहीं है, तब भारत में संस्कृत की प्रार्थना पर बवाल क्यों खड़ा किया जा रहा है। इसे गाते हुए किसी...

सबको खुश करता सबका बजट

न रेन्द्र मोदी सरकार में कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने साल 2019-20 के अंतरिम बजट प्रस्तावों से मिडिल क्लास, किसान, सेना, रेलवे और अन्य सभी संभव क्षेत्रों के लिए दिल खोलकर आवंटन किया है। इस तरह से उन्होंने सबको खुश कर कर दिया है। अगर बात मिडिल क्लास...

गणतंत्र के 69 साल क्या खोया, क्या पाया

हमारे देश ने अभी ही अपना 70वांगणतंत्र दिवस मनाया है। यह एक ऐसाअवसर है, जब हमें एक बार शांत मनसे आत्मविश्लेषण कर लेना चाहिए कि गणतंत्र होने के बाद भारत ने क्या खोया और क्या पाया? मतलब देश को संविधान से क्या मिला और क्यारह गया? किन मोर्चों पर...

कुंभ में भीड़ पर रखना होगा काबू

कुंभ के पहले ही महास्नान में लगभग डेढ़ करोड़ लोगों ने डुबकी लगाई। आने वाले प्रमुख स्नान के दिनों में भी यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद है। ऐसे में मेला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यहां श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने की...

इसीलिए सही है सवर्णों को आरक्षण देना

सामान्य जाति के गरीब लोगों के लिए आरक्षण की व्यवस्था करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। केंद्र सरकार ने दोनों सदनों में इससे संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पारित कराकर एक अहम काम किया है। इससे पीढि़यों से निर्धनता का जीवन जीने के लिए अभिशप्त रहे...

नमाज, मुसलमान और धर्मनिरपेक्षता

बिना अनुमति पार्क में नमाज पढ़ने पर रोक लगाए जाने की बात को लेकर कई लोग हाय-तौबा मचा रहे हैं। ये लोग इस बात को भूल जाते हैं कि भारत निर्विवाद रूप से एक ऐसा देश है, जहां अल्पसंख्यकों को अपनी धार्मिक गतिविधियों के लिए जरूरत से ज्यादा छूट...

हार से जगी बीजेपी देगी लोकसभा में टक्कर

मध्य प्रदेश, छतीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनावों के नतीजों का पूरे देश में गहन पोस्टमार्टम हो रहा है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक चैनलों से लेकर सोशल मीडिया के महारथियों को काम मिल गया है। कहने वाले कह रहे हैं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की पराजय आगामी लोकसभा चुनाव के संकेत...

अब हत्यारा कहो सज्जन को

आखिर चौंतीस साल के लंबे, थकान भरे इंतजार और निराशाभरी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस के एक बड़े नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनायी है। सज्जन के अलावा उनके सहयोगी रहे तीन अन्य दोषियों को...

कौन काबू करेगा पागल भीड़ पर!

बुलंदशहर में भीड़ की हिंसा ने देश भर को स्तब्ध करके रख दिया है। देश की राजधानी दिल्ली में भी कुछ ही समय के दौरान जानलेवा भीड़ ने दो लोगों को अलग- अलग घटनाओं में पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। अभागे मृतकों पर छोटी-मोटी चोरी करने के...

जलियांवाला बाग कांड पर क्यों चुप रहे थे इकबाल?

शायर मोहम्मद इकबाल को महिमामंडित करने का रिवाज काफी अर्से से चलाया जा रहा है। ज्ञान दिया जाता है कि उन्होंने सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा जैसा अमर तराना लिखा था। हर रामनवमी के मौके पर यह भी बताने की कोशिश की जाती है कि उन्होंने राम पर...