कुंभ

राष्ट्र निर्माण में अखाड़ों की भूमिका

कुंभ नगरी यानी दुनिया की सबसे बड़ी तंबुओं की नगरी, जहां हवन और चूल्हे का धुआं साथ-साथ उठता है। इस आयोजन में अखाड़ों की अहम भूमिका होती है। राष्ट्र निर्माण और आक्रमणकारियों से सुरक्षा में भी आदिकाल से ही इनका अहम योगदान रहा है। श्रीकृष्ण की प्रेरणा से वेदांत दर्शन...

कठिन है नागा संन्यासी बनना

अ र्द्धकुंभ और कुंभ के दौरान नागा संन्यासी आम जनताके लिए कौतूहल के विषय होते हैं। यदि इनकी दिनचर्या को नजदीक से देखें, तो पता चलता है कि इन्हें एक कठिन तपस्या का जीवन व्यतीत करना पड़ता है। नागा संन्यासी बनने की प्रक्रिया भी जटिल है। दीक्षा लेने से...

कुंभ पर्व की ऐतिहासिकता

कुं भ की उत्पत्ति के विषय में मान्यता है कि जब दैवीय व आसुरी शक्तियों का युद्ध हो रहा था, तब दोनों का समन्वय कराने के लिए समुद्र मंथन का आयोजन किया गया। 'विष्णु याग' के अनुसार हिमालय के उत्तर में लाखों वर्ष पहले क्षीरोद नामक मीठे पानी का...

प्रयागराज कुंभ जैसा देखा और सुना

प्रयाग पहले भी था। पर पहली बार वह अपने नाम को सार्थक कर पा रहा है। प्रयागराज का चेहरा बदला हुआ है। उसमें चमक है। इन दिनों उसमें स्वर है। लय है और संगीत है। जिसके लिए प्रयागराज जाना जाता है। कुछ साल पहले जो यहां आया होगा वह...

मनोरथ की चाह में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी

कुंभ के मुख्य स्नान मौनी अमावस्या पर गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम व अन्य घाटों पर पुण्य की डुबकी लगाने के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन के मुताबिक इस मौके पर पांच करोड़ लोगों ने स्नान किया। सभी अखाडों के संतों ने शाही अंदाज में...

संत मांगें मंदिर पर अपने समय पर

अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण की मांग नई नहीं है। न्यायालयों में इस पर विवाद भी नया नहीं। समय-समय पर इस मुद्दे पर संतों की हुंकार भी बार-बार गूंजती रही है। इसके बावजूद प्रयागराज से इस बार आने वाली आवाजें कुछ भ्रम पैदा करती लग रही हैं। देश-दुनिया...

कुंभ का सैलाब बनेगा सेटी वाल्व

प्रयागराज कुंभ में आने वाला आस्था का सैलाब राज्य और केंद्र सरकारों के द्वारा मुहैया करायी गई सुविधाओं से अभिभूत है। विपक्षी पार्टियां कितना भी आरोप लगाएं, कुछ भी कहें, लेकिन मोदी को तो एक कार्यकाल और देना ही चाहिए- यह कहना था कुंभ में शामिल होने जा रहे करतार...

मैनेजमेंट गुरुओं के भी गुरु

रमता पंच संत देश भर में घूम घूमकर धर्म प्रचार का काम करते हैं। कब-कहां जाना है, इसकी तैयारी वे कई वर्ष पहले कर लेते हैं। गंगा की रेती पर कपड़े के टेंट में बैठे संत-महात्माओं ने प्लानिंग के मामले में बड़े-बड़े मैनेजमेंट गुरुओं को भी पीछे छोड़ दिया है।...

जंगम हैं कलियुग के देवता

सिर पर मोर मुकुट, माथे पर सर्प का निशान, हाथों में मजीरा लेकर शिव का गुणगान करते पूरी संगम नगरी में घूमते जंगम संन्यासी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। शिव-पार्वती के विवाह से उत्पति पालीराम जंगम बताते हैं कि जंगम जोगियों की उत्पत्ति शिव- पार्वती के विवाह से हुई...

एक अखाड़ा राजनीति का भी

कुंभ भक्ति और आस्था का केंद्र है। यहां तमाम साधु-संत और श्रद्धालु भक्तिसागर में डुबकियां लगा रहे हैं। वहीं लोकसभा चुनाव को देखते हुए तमाम राजनीतिक दल भी यहां सक्रिय हो गए हैं, ताकि अपनी आस्था का प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं को अपने पक्ष में कर सकें। तीर्थराज प्रयागराज में अमृत...