प्रतिभा कुशवाहा

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जीवन में स्वतंत्रता और उत्सुकता के लिए पत्रकारिता का रास्ता चुना। हिन्दी साहित्य की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘पाखी’ से की गई शुरुआत ने पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतर मार्ग दिखाया। काफी उतार-चढ़ाव के बाद भी पत्रकारिता की यात्रा अनवरत जारी। फिलहाल हिन्दुस्थान समाचार समूह की पत्रिका ‘युगवार्ता’ साप्ताहिक के कॉपी संपादक हैं।

यातनाओं के ‘शेल्टर होम’

साल खतम होते-होते महिलाओं के लिए बने शेल्टर होम्स के संबंध में एक महत्वपूर्ण खबर आई। ये ऐसी खबर है जो हमें अधिक चौंकाती नहीं है, बल्कि इसके उलट घटता, तो यह खबर कहीं अधिक चौंकाती। पिछले दिनों देश में मुज्ज़फरपुर और देवरिया के आश्रय गृहों की घटना ने लोगों...

अकेले जूझतीं एकल महिलाएं

वैसे तो हमारी सामाजिक और धार्मिक व्यवस्थाएं यही हैं कि किसी भी स्त्री को एकल जीवन न जीना पड़े। फिर भी कुछ महिलाएं आजीवन अविवाहित रह जाती हैं, कुछ शादी ही नहीं करती हैं। कुछ महिलाएं शादी के बाद छोड़ दी जाती हैं तलाकशुदा हो जाती हैं। कुछ महिलाओं...

उड़ान भरने से कौन रोके हमें!

हमेशा से सामान्य मानसिकता महिलाओं को जोखिम वाले कामों के लिए अयोग्य ठहराती रही है। इसके बावजूद महिलाएं गाहे-बगाहे उन सभी कामों में अपने हाथ आजमाती रही हैं, जो उनके लिए निषेध रहे हैं। इसी तरह का एक काम है जहाज उड़ाना। कोई भी वाहन चलाना तो वैसे ही...

कैसे रुके कार्यस्थलों में यौन शोषण

मीटू पर बात अभी थमी नहीं है। जहां एक ओर मीटू के आरोपियों पर अपने स्तर पर कार्यवाहियां हो रही हैं, वहीं कार्यस्थलों पर महिलाओं के यौन शोषण और दूसरे प्रकार के शोषण पर भी बहस जारी है। यह हो भी क्यों नहीं, क्योंकि कार्यस् थल पर...

कुम्हलाती जीवन संध्या

4अक्टूबर 2017 को अलीगंज (लखनऊ) में 75 साल की बुजुर्ग औरत ने पुलिस में आरोप दर्ज कराया कि कि उसके चार बेट-बहू में से कोई भी उसे रखने को तैयार नहीं। 12 अक्टूबर 2017 को इंदौर के समंदर सिंह ने आरोप दर्ज कराया कि उनकी पत्नी, बहू, बेटे और परिजनों ने...

तनुश्री के ट्रायल से पहले

नो एक शब्द ही नहीं, अपने आप में पूरा वाक्य है योरऑनर। इसे किसी तर्क, स्पष्टीकरण या व्याख्या की जरूरत नहीं है। ‘न’ का मतलब ‘न’ ही होता है योरऑनर। ’‘न मैं नाना पाटेकर हूं और न तनुश्री, तो मैं आपके सवाल का जवाब कैसे दे सकता हूं।’ ऊपर लिखी यह दोनों लाइनें फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने बोली...

यौन अपराधियों की तैयार होगी कुंडली

महिलाओं की सुरक्षा एक अहम मामला है। मामला अहम इसलिए भी है क्योंकि देश में महिलाओं, किशोरियों और बच्चियों के खिलाफ अपराधों में किसी भी स्तर पर कमी नहीं आई है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पिछले दिनों एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। इसकी काफी समय से चर्चा...

किस-किस के मुंह में टेप लगाएं!

#VaayaMoodalCampaign  यानी # सट योर माउथ कैंपेन यानी # अपना मुंह बंद करो। यह मुंह बंद कराने का अभियान केरल में चलाया गया, जिसका परिणाम भी तुरंत दिखा। #मी टू कंपेन में जहां महिलाओं से अपना मुंह खोलने की अपील की गई थी, इसके बरक्स #सट योर माउथ कैंपेन में ऐसे व्यक्तियों को अपना मुंह बंद करने को...

लड़कियों की शादी की उम्र बढ़ा देनी चाहिए?

यह कैसा विरोधाभास है कि 18 साल की उम्र में सरकार चुन सकते हैं पर जीवनसाथी नहीं। इस मामले में शायद महिलाएं भाग्यशाली हैं कि वे 18 साल होने के बाद अपने लिए जीवनसाथी चुन सकती हैं, पर पुरुष नहीं। उन्हें महिला की तुलना में तीन साल और इंतजार करना...

इतनी कम क्यों हैं न्याय की देवियां

न्यायालय में न्याय की देवी हो सकती हैं, पर न्यायालय की कुर्सी पर देवियां नहीं। आजादी के इतने सालों में सुप्रीमकोर्ट में तीन महिला जजों की नियुक्ति ऐतिहासिक दस्तावेज बन गया है। इस समय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस इंदिरा बनर्जी की नियुक्ति मीडिया जगत की सुर्खियां बन रही हैं।...