प्रकाश के रे

23 POSTS0 COMMENTS

आॅस्कर में ‘पीरियड’

'पीरियड एंड आॅफ सेंटेंस' को 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी में आॅस्कर पुरस्कार मिला है। यह फिल्म उत्तरी भारत के हापुड़ की लड़कियों, महिलाओं और उनके गांव में पैड मशीन की स्थापना को लेकर है। प्र तिष्ठित आॅस्कर पुरस्कारों की ‘बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सबजेक्ट’ श्रेणी में इस साल का पुरस्कार 26...

राज कुमार बड़जात्या हर पीढ़ी की बने चहेता

बड़जात्या परिवार अब तक 60 से अधिक फिल्में बना चुका है, एक हजार से अधिक फिल्मों का वितरक रह चुका है तथा दर्जनों टेलीविजन धारावाहिक इसके खाते में हैं। सु प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और राजश्री प्रोडक्शंस के मुखिया राज कुमार बड़जात्या का निधन सिनेमा उद्योग और दर्शकों के लिए बड़ा...

मदर इंडिया के 62 साल

फिल्म ‘मदर इंडिया’ 1940 में महबूब खान द्वारा बनायी गयी ‘औरत’ की रीमेक थी। उस दौर में ‘भारत माता’ का छवि-बाहुल्य और आधुनिक भारत में स्त्री की भूमिका को लेकर व्यापक चर्चा ने निश्चित रूप से महबूब खान की दृष्टि पर असर डाला था। वर्ष 1957 में प्रदर्शित हुई...

पीछे छूटा फिल्मी कॉमेडी का दौर

कभी स्थाई तौर पर फिल्मों का हिस्सा बनने वाले कॉमेडियन हिन्दी सिनेमा की रूपरेखा बदलने के साथ नदारद हो गए हैं। पर ऐसा नहीं है कि कॉमेडी खत्म हो गई है, ऐसे अभिनेता अपनी प्रतिभा दूसरे मंचों पर जारी रखे हुए हैं। साहित्य और रंग-परंपरा में विदूषक, भांड, बहुरूपिये, जोकर...

फिल्मी डांसरों की भी एक दुनिया हैं

भले ही सिनेमा में डांसरों का काम कम हुआ है, लेकिन टेलीविजन और लाइव कार्यक्रमों की बढ़वार ने इनकी जरूरत बरकरार रखी है। फिल्म 'रोटी' में राजेश खन्ना पर फिल्माया गया और किशोर कुमार द्वारा गाया गया गीत 'नाच मेरी बुलबुल कि पैसा मिलेगा' हम सबने सुना है। यह गाना...

आॅस्कर पुरस्कारों में भारत

बा इस जनवरी को जब कुमैलनांजियानी और ट्रेसी एलिस रॉस नेएकेडमी अवार्ड के लिए नामांकितफिल्मों और कलाकारों एवं तकनीशियनों कीसूची जारी की, तो उसमें कई उल्लेख सुखदआश्चर्य के रूप में सामने आये। इसमें भारत केलिए कुछ उदासी और कुछ खुशी की खबर है।बेहतरीन विदेशी फिल्म श्रेणी में भारत की...

वर्तमान को टटोलने की अधूरी कोशिशें

जहां ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ आंतरिक राजनीति के भंवर में फंस कर असफल हो गयी, वहीं ‘उरी’ देश की रक्षा और सैनिकों की बहादुरी की कथा कहकर दर्शकों का सम्मान पा रही है। बी ते कई दिनों से दो फिल्मों- विजय गुट्टे निर्देशित ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ और आदित्य धर...

सिनेमा में कैफी साहब

सिनेमा में कैफी साहब्पू त के पांव पालने में नजर आ जाते हैं', यह कहावत कैफी आजमी पर बखूबी चरितार्थ होती है। महज 11 साल की उम्र में उनकी लिखी गजल 'इतना तो जिंदगी में किसी का खलल पड़े/हंसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े' को बेगम...

कद्दावर कादर खान का शानदार सफर

हिन्दी सिनेमा के कई विधाओं में अपनी छाप छोड़ने वाले अभिनेता कादर खान इस दुनिया से रुखसत हो गए। उनके बेहतरीन काम के लिए उनके चाहने वालों ने उन्हें शिद्दत से याद किया। सार्थक और सराहनीय कहानियों में तीन तत्व बहुत अहम होते हैं- संयोग, संघर्ष एवं सफलता। हिंदी सिनेमा...

जीरो हुई ढेर सिंबा करेगी कमाई

साल 2018 के आखिरी दिनों में आयी सुपरस्टार शाहरुख खान की फिल्म ‘जीरो’ बॉक्स आॅफिस पर औंधे मुंह गिरी है। आनंद एल. राय द्वारा निर्देशित यह फिल्म 21 दिसंबर को सिनेमाघरों में आयी थी और पहले दो दिनों की अच्छी शुरुआत के बावजूद पहले हते की उसकी कुल कमाई...