पीएन द्विवेदी

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कठिन है नागा संन्यासी बनना

अ र्द्धकुंभ और कुंभ के दौरान नागा संन्यासी आम जनताके लिए कौतूहल के विषय होते हैं। यदि इनकी दिनचर्या को नजदीक से देखें, तो पता चलता है कि इन्हें एक कठिन तपस्या का जीवन व्यतीत करना पड़ता है। नागा संन्यासी बनने की प्रक्रिया भी जटिल है। दीक्षा लेने से...

राममंदिर के साथ शबरीमला पर जोर

ध र्म संसद में राम मंदिर के साथ दक्षिण भारत के शबरीमलामंदिर का मुद्दा भी गरमाता गया। विश्व हिन्दू परिषद(वीएचपी) की धर्म संसद में जुटे हजारों साधु-संत इसमामले में सुप्रीम कोर्ट और केरल सरकार के फैसले से बेहदनाराज दिखे। अंत में प्रस्ताव पारित कर शबरीमला मुद्दे पर अयोध्या आंदोलन...

दशनामी संन्यासी

दशनामी संन्यासी परिश्रमी स्वभाव के होते हैं और प्राय: निर्वसन का जीवन व्यतीत करते हैं। शंकराचार्य ने दशनामी संन्यासियों का नामकरण अरण्य, आश्रम, भारती, गिरि, पर्वत, पुरी, सरस्वती, सागर, तीर्थ और वन के रूप में किया था।  भा रतीय संस्कृति में संन्यास की परंपरा सनातन काल से चली आ रही...

कुंभ की शोभा हैं अखाड़े

कुंभ का एक महत्वपूर्ण भाग साधु संतों के अखाड़े होते हैं। किसी भी कुंभ मेले का प्रमुख आकर्षण स्नान पर्व में भाग लेने वाले विभिन्न तरह के अखाड़े हैं। अखाड़ों की अपनी अपनी विशेषताएं और परंपराएं हैं। स तानत धर्म की सेना कहे जाने वाले अखाड़े कुंभ पर्व की एक...

संगम की रेती पर कुम्भ का आगाज

त्याग, तपस्या और यज्ञ की पवित्र भूमि तीर्थराज प्रयाग में कुम्भ का आगाज हो गया है। संगम की रेती पर करीब 50 दिन तक चलने वाला कुम्भ मेला यद्यपि 15 जनवरी को प्रथम शाही स्नान से प्रारम्भ होगा, लेकिन अखाड़ों की पेशवाई के साथ मेले की अनौपचारिक शुरुआत 25...

यहां ‘गोत्र’ है वोट का आधार

पुष्कर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा गोत्र का खुलासा किए जाने के बाद से राजस्थान में गोत्र के समीकरण की चर्चा होने लगी है। देश भर में चुनावी राजनीति में जातीय समीकरण साधे जाते हैं, लेकिन यहां गोत्र का समीकरण सब पर हावी है। राजस्थान की सियासत में...