मोहम्मद शहजाद

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खेलना इतना आसान नहीं होगा!

क्रिकेट का प्रयोग भारत-पाक संबंधों को मधुर बनाने से लेकर अपना गुस्सा जाहिर करने के लिए भी किया जाता रहा है। पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान से सियासी संबंधों के साथ-साथ इसका असर क्रिकेट पर दिखाई दे रहा है। ताजा घटनाक्रम इसी बात को इंगित कर रहा है। पुलवामा दहशतगर्दाना...

रणजी ट्रॉफी: विदर्भ बना सिकंदर

विदर्भ ने केरल को और सौराष्ट्र ने कर्नाटक को हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। खिताबी जीत अपने-आप में ही एक बड़ी उपलब्धि है। फिर यह सफलता अगर अपने पिछले खिताब की रक्षा करते हुए हासिल की जाए तो और महत्वपूर्ण हो जाती है। इस लिहाज से विदर्भ की टीम...

हरियाणा हैमर्स बना कुश्ती का नया सुल्तान

भारत में कुश्ती को बढ़ावा देने के मकसद से आयोजित होने वाला प्रो रेसलिंग लीग का यह सीजन भी कामयाब रहा। इससे भारतीय पहलवानों ने न केवल विदेशों खिलाडि़यों से दांव-पेंच सीखा बल्कि उनकी कमजोरियों व खामियों के बारे में भी जाना। हरियाणा हैमर्स पेशेवराना कुश्ती के मुकाबले ‘प्रो रेसलिंग...

मुस्लिम छात्रों ने कमाया पुण्य!

गं गा-जमुना महज दो नदियों का नाम नहीं है, बल्कियह एक पूरी संस्कृति है। इस संस्कृति को नाम भीगंगा-जमुनी तहजीब दिया गया है। ऐसी गंगा-जमुनीतहजीब का दीदार इन नदियों के संगम पर हो, तो फिर इसे सोनेपर सुहागा ही कहा जाएगा। जी हां! बात प्रयागराज में जारीकुंभ मेले की...

आॅस्ट्रेलिया में विराट सफलता

टीम इंडिया ने आॅस्ट्रेलिया दौरे के दौरान तीनों फॉर्मेट में अपना सिक्का जमाया। टेस्ट और वनडे सीरीज में पहली बार आॅस्ट्रेलिया को उसकी सरजमीन पर ही मात दी, तो टी-20 सीरीज में बराबरी की। अपने प्रदर्शन के बल पर टीम इंडिया ने विश्व कप के लिए भी अपनी मजबूत...

गुरु-शिष्य परंपरा के वाहक रमाकांत आचरेकर

क्रिकेट कोच रमाकांत आचरेकर नहीं रहे। सफल क्रिकेटर बनने की चाहत रखने वाले आचरेकर खिलाड़ी के तौर पर सफल नहीं हो सके। लेकिन कोच के रूप में उन्होंने गुरु-शिष्य की परंपरा को बढ़ाते हुए देश को कई महान खिलाड़ी तो दिए ही, उन्हें खिलाड़ी के साथ ही अच्छा इंसान...

नौकरशाही के फेर में ओलंपिक

सोना आग की भट्टी में ही तपकर खरा होता है। कमोबेश यही उसूल इंसान की कामयाबी पर भी लागू होता है। मुराद यहां खिलाडि़यों की सुनहरी सफलता से है। बड़े खेल आयोजनों में सोने का तमगा जीतने वाले खिलाडि़यों की पीछे बरसों की तपस्या होती है। इस मामले में...

‘बगैर प्रेम के हमारा वजूद ही नहीं’

रहमान अब्बास उर्दू दुनिया के प्रसिद्ध उपन्यासकार हैं, जो अपनी बेबाक रचनात्मक शैली के लिए जाने जाते हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रा के धुर समर्थक रहमान अब्बास उर्दू में रूढ़िवादिता के विरोधी माने जाते हैं। परंपरा से हटकर समाज की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करने के हिमायती हैं। समाजी हकीकत पर...

भारत के लिए बेहतरीन साल

चौथी बार सिरमौर बना भारत भारतीयों को क्रिकेट सबसे ज्यादा रोमांचित करता है। संयोग से साल की पहली बड़ी खबर क्रिकेट ग्राउंड से ही आई। न्यूजीलैंड में 13 जनवरी से 3 फरवरी तक खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर भारत इसका चौथी बार सिरमौर बना। पृथ्वी शॉ की कप्तानी...

क्रिकेट की गंभीर पारी का अंत

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के क्षितिज पर 2003 में एक नया सितारा चमका। लगभग 15 सालों तक इसके सभी प्रारूपों को अपनी किरणों से रौशन किया। फिर इसी चार दिसंबर को उसके करियर का सूर्यास्त हो गया। गौतम गंभीर ने आखिरकार दो सालों की अनथक कोशिशों के बाद भी टीम इंडिया...