डॉ. राजेंद्र त्रिपाठी ‘रसराज’

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कल्पवास का माहात्म्य

मा घ का महीना कल्पवास करने की दृष्टि से प्राचीनकालसे ही महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। यह परम्परा अबभी अक्षुण्ण है। कल्पवासियों का प्रयाग क्षेत्र में प्रवेशपौषपूर्णिमा से ही प्रारम्भ हो जाता है। तैयारियां तो पहले से हीहोने लगती हैं किन्तु कल्पवासियों की दिनचर्या और कल्पवासपौषपूर्णिमा के संगम स्नान...

सरस्वती कूप : एक जिज्ञासा

इस बार कुंभ में सभी श्रद्धालु अक्षयवट व सरस्वती कूप के दर्शन कर रहे हैं। यह उनके लिए किसी दिव्य अनुभूति से कम नहीं है। प्र यागराज कुंभ के प्रमुख दर्शनीय आकर्षणों में अक्षयवट और सरस्वती कूप एक ऐसे स्थल हैं, जिनका दर्शन सर्वसुलभ नहीं था, लेकिन उत्तर प्रदेश की...