विश्व की सबसे बड़ी भगवद् गीता का विमोचन किया गया। यह विशालकाय गीता दिल्ली के इस्कॉन मंदिर में रखी गई है। इसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेन् द्र मोदी 26 फरवरी को किया। साथ ही वे इस् कॉन मंदिर के गीता आराधना महोत् सव-भारत का गौरव सांस् कृतिक केन् द्र में शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने इस् कॉन के श्रद्धालुओं द्वारा तैयार अनोखी भगवद् गीता के बारे में कहा कि यह देश के ज्ञान का प्रतीक बनेगी। इस गीता का आकार 2.8 मीटर है और वजन 800 किलोग्राम है। जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शानदार भगवद् गीता का विमोचन करने का यह एक विशेष अवसर है। लोकमान् य तिलक ने जेल में रहते हुए ‘गीता रहस् य’ लिखा था, जिसमें उन् होंने सरल तरीके से निष् काम कर्म के भगवान कृष् ण के संदेश का वर्णन किया था। उन् होंने कहा कि महात् मा गांधी ने लिखा ‘गांधी के अनुसार भगवद् गीता।’ प्रधानमंत्री ने इस ग्रंथ के बारे में विश् व स् तर पर जागरुकता बढ़ाने में श्री भक्तिवेदांत प्रभुपादजी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भागवत गीता हमेशा हमारी मार्गदर्शक हो सकतीहै, जब हम जीवन में संकट की स्थिति का सामना कर रहे होते हैं। गीता के प्रसिद्ध श् लोक को याद करते हुए उन् होंने कहा कि ईश् वरीय शक्ति हमेशा हमारे साथ होती है, जब हम मानवता के दुश् मनों से मुकाबला करते हैं।

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