पिछले कई वर्षों से त्यौहारों के पहले लिपकार्ट और अमेजन जैसी ई-कॉमर्स की बड़ी कंपनियां सीमित दिनों के लिए बड़ी सेल का ऐलान करती थीं। इस सेल में कंपनियां एक्सक्लूसिव डील, कैशबैक और बंपर डिस्काउंट जैसे आॅफर देती थी। लेकिन अब बंपर छूट के आॅफर बीते दिन के किस्से हो जाएंगे। गौरतलब है कि सरकार ने विदेशी निवेश जुटाने वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियम सख्त करते हुए इसमें बदलाव किया है। इनके तहत अब लिपकार्ट और अमेजॉन जैसी कंपनियां आॅनलाइन बाजार मंच से उन कंपनियों के उत्पाद नहीं बेच पाएंगी, जिनमें इनकी हिस्सेदारी है। यानी ग्राहकों को अब पहले की तरह ई-कॉमर्स साइट्स पर बड़ा डिस्काउंट नहीं मिलेगा। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आॅनलाइन रिटेल में एफडीआई पर जारी संसोधित प्रावधान में कहा कि इन कंपनियों को अब बिना किसी भेदभाव के अपने सभी वेंडर्स को समान सेवाएं या सुविधाएं देनी होंगी। इनका उद्देश्य घरेलू कंपनियों के हितों की रक्षा करना है। क्योंकि लिपकार्ट और अमेजन जैसी की कंपनियों के बिग सेल से स्थानीय छोटी और मझोली कंपनियों का नुकसान हो रहा था। जिसके चलते व्यापारी समुदाय लगातार सरकार से शिकायत भी कर रहा था। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कस्टमर्स को भारी छूट दिये जाने के खिलाफ घरेलू कारोबारियों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया। इस तरह आॅनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए यह बड़ा झटका है। यह नया नियम एक फरवरी, 2019 से लागू होगा।

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