भारतीय वायुसेना के प्रमुख परीक्षण स्थल एएसटीई, बंगलुरु में पायलटों और इंजीनियरों ने एएन-32 सैनिक परिवहन विमान में पहली बार मिश्रित बायो जेट ईंधन का इस्तेमाल करते हुए प्रायोगिक उड़ान भराने में सफलता प्राप्त की। यह परियोजना भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ, डायरेक्ट्रेट जनरल एरोनॉटिकल क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीएक्यूए) और सीएसआईआर- भारतीय पेट्रोलियम संस्थान का मिला-जुला प्रयास है। इसके लिए भारतीय वायुसेना ने जमीन पर बड़े पैमाने पर ईंजन परीक्षण किए। इसके बाद 10 प्रतिशत मिश्रित एटीएफ का इस्तेमाल करते हुए विमान का परीक्षण किया गया। इस ईंधन को छत्तीसगढ़ जैव डीजल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) से प्राप्त जट्रोफा तेल से बनाया गया है, जिसका बाद में सीएसआईआर-आईआईपी में प्रसंस्करण किया गया है। भारतीय वायुसेना 26 जनवरी, 2019 को गणतंत्र दिवस पर लाईपास्ट में बायो जेट ईंधन का इस्तेमाल करते हुए एएन32 विमान उड़ाना चाहती है।

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