जीवन में एक बड़े उद्देश्य को लेकर शिद्दत से आगे बढ़ने से सफलता का सोपान बनता है।

बीते वर्ष मीडिया में इस बात की खूब चर्चा हुई कि 35 वर्षीय भारतीय महिला मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम ने 10वीं एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में शानदार जीत हासिल की। इस तरह उन्होंने 6 विश्व चैंपियनशिप जीतकर भारतीय खेल इतिहास में स्वर्णाक्षर में अपना नाम दर्ज करवाया। अंतरराष्ट्रीय खेलों में त्रिपुरा की जिमनास्ट दीपा करमाकर और असम की धाविका हीमा दास के अभूतपूर्व प्रदर्शन को भी हम भूले नहीं हैं। इसी क्रम में वर्ल्ड टूर बैडमिंटन फाइनल में पी. वी. सिंधु ने जापान की नोजोमी ओकुहारा को पराजित कर जो विश्व खिताब हासिल किया, उससे पूरा देश गौरवान्वित हुआ। खेलकूद की दुनिया में ध्यानचंद, प्रकाश पादुकोण, माइकल फरेरा से लेकर अविनव बिंद्रा, सुनील क्षेत्री और महेंद्र सिंह धोनी तक हमारे देश के अनेक खिलाडि़यों ने सैकड़ों नए मानदंड बनाए हैं। ‘भाग मिल्खा भाग’ नाम से चर्चित फिल्म आपने भी देखी होगी, जिसमें अपने उद्देश्य के प्रति समर्पित मिल्खा सिंह के जोश, जूनून और मेहनत को बखूबी दर्शाया गया है। तमाम अवरोधों एवं परेशानियों के बावजूद मिल्खा सिंह कैसे एक के बाद एक रिकॉर्ड तोड़ते गए। तभी तो वे आज भी देश-विदेश के लाखोंकरोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

विज्ञान के क्षेत्र से एक उदाहरण लेते है, जिन्होंने अपने तय मुकाम को पाने के लिए आशा, दृढ़ निश्चय और अथक परिश्रम के बलबूते अविश्वसनीय सफलता हासिल की और नए कीर्तिमान स्थापित किए। हां, मैडम क्यूरी की जिन्दगी संघर्षों से निरंतर लड़ते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचने की गौरव गाथा है। वाकई यह जानना मुनासिब और दिलचस्प होगा कि आखिर किस तरह इन लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र में सफलता का परचम लहराया। लेकिन उससे ज्यादा यह जानना जरूरी है कि क्या सफलता के पीछे कुछ बुनियादी सिद्धांत कार्य करते हैं? हां, बिलकुल करते हैं। पहले तो हमें एक सार्थक या यूं कहें कि एक स्मार्ट लक्ष्य तय करना पड़ता है। यहां स्मार्ट का मतलब है, एक निश्चित समयावधि में हासिल करने योग्य। इसके बाद उस उद्देश्य तक पहुंचने के लिए सही व समयबद्ध कार्ययोजना की आवश्यकता होती है। कहने की जरूरत नहीं कि उस निर्धारित उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पूरे लगन एवं मेहनत से उस दिशा में जुटे रहना भी अनिवार्य है। इसीलिये मिसाइल मैन व जनता के राष्ट्रपति के नाम से विख्यात पूर्व राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने कहा है, अपने मिशन में कामयाब होने के लिए, आपको अपने लक्ष्य के प्रति पूर्णत: निष्ठावान होना पड़ेगा।’ वाकई इस सिद्धांत पर चलते रहने पर पारिवारिक जीवन हो या नौकरी या व्यवसाय या कोई अन्य क्षेत्र हो, हमारे सफल होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है, साथ ही आगे और बड़े मुकाम को प्राप्त करने के प्रति हमारा आत्मविश्वास भी। गुणीजनों का भी स्पष्ट मत है कि जीवन में एक बड़े उद्देश्य को लेकर शिद्दत से आगे बढ़ने से सफलता का सोपान बनता है।

सूचना
युगवार्ता का यह पन्ना छात्र-छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा के लिए रखा गया है। इसमें स्वरचित कविता, लघुकथा,
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संपादक

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