प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

राकांपा नेता पार्थ पवार ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में ली शपथ

इंडिगो और बीआईएएल ने आईएटीए के साथ किए अंतरराष्ट्रीय संपर्क रहित यात्रा परीक्षण

गुजरात के राजकोट में सफाई के लिए तैनात किया गया रोबोट ऑपरेटर, मैनुअल सफाई बंद

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृहमंत्री लेखक को जमानत पर रिहा किया गया

आखिर युद्ध से मिला क्या?

कॉप 33 की मेजबानी से हटना सरकार की जलवायु के प्रति प्रतिबद्धताओं पर सावल खड़े करता है: जयराम रमेश

भय नहीं, भरोसे से आएगा पश्चिम बंगाल में निवेशः मोदी

सब्सक्रिप्शन के लिए खुला ओम पावर का आईपीओ, 17 अप्रैल को हो सकती है लिस्टिंग

'एनटीआर नील' को लेकर अफवाहों पर मेकर्स ने लगाया विराम, शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं

लोकसभा अध्यक्ष, गृहमंत्री, रक्षा मंत्री समेत कई नेताओं ने गुरु अर्जन देव के प्रकाश पर्व की बधाई दी

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

288 Days 17 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो