प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

नौसेना के लिए दो एमक्यू-9बी सशस्त्र अमेरिकी ड्रोन 30 महीने की लीज पर लेगा भारत

आईएसआई-समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 14 राज्यों से 253 संदिग्ध हिरासत में, 80 एफआईआर

एक्शन अवतार में लौटेंगे इमरान हाशमी, 'गनमास्टर G9' की रिलीज डेट सामने आई

सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ में भाग लेने के लिए भारतीय सेना की टुकड़ी थाईलैंड रवाना

पाकिस्तानी नागरिक राना रऊफ मामले में एक और युवक गिरफ्तार

टेम्पसेंस इंस्ट्रुमेंट्स का आईपीओ 20 अगस्त को खुलेगा, मूल्य दायरा 285-300 रुपये प्रति शेयर

ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट, पूर्व जज गिरिबाला सिंह पर दहेज सहित कई धाराएं

नेपाल के राष्ट्रपति ने भारतीय थल सेनाध्यक्ष को मानद महारथी उपाधि प्रदान की

बरुन सोबती के नए प्रोजेक्ट 'बबीता सिंह रिपोर्टिंग' की घोषणा

तमिलनाडु में भूखंड और अपार्टमेंट की पहली बिक्री के लिए ऑनलाइन प्रेसेंसलेस पंजीकरण अनिवार्य

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

418 Days 19 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो