प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

नेपालः शाह की सरकार ने राष्ट्रपति के पास 3 नए अध्यादेश स्वीकृति के लिए भेजे

एयर इंडिया ने 'हब-एंड-स्पोक' मॉडल का स्वागत किया, कहा- वाराणसी से जल्द शुरू करेगी उड़ानें

गर्मी में कोल्ड ड्रिंक बढ़ाता है डिहाइड्रेशन का खतरा: एम्स

सब्जियां बेचने से लेकर टॉप स्कोरर बनने तक मप्र के सिवनी की नौशीन नाज का प्रेरक सफर

आसाराम को हाईकोर्ट से मिली राहत, अंतरिम जमानत 25 मई तक बढ़ी

जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली जरूरी: ओम बिरला

बदरीनाथ धाम पहुंचे गायक कैलाश खेर, भगवान बदरी-विशाल के किए दर्शन

मतदान में धांधली और हिंसा पर आयोग की नीति जीरो टॉलरेंस : मनोज अग्रवाल

ओडिशा के आदिवासी जीतू मुंडा की मदद को आगे आए कृषि मंत्री, एक माह की सैलरी देने की घोषणा

(राउंडअप) बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में कड़ी सुरक्षा के बावजूद कई स्थानों पर हुई हिंसा

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

308 Days 23 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो