रपट

द. अफ्रीका में रचा इतिहास

दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम भले ही टेस्ट मैचों में 25 साल के सूखे को खत्म न कर सकी हो,...

सिंदूर ‘पोतना’ या ‘सजाना’

राम भक्त हनुमान की मूर्तियों को सिंदूर से पूरी तरह ढकने के विषय में एक रोचक कथा है। एक बार सीता मां श्रृंगार कर...

इतनी कम क्यों हैं न्याय की देवियां

न्यायालय में न्याय की देवी हो सकती हैं, पर न्यायालय की कुर्सी पर देवियां नहीं। आजादी के इतने सालों में सुप्रीमकोर्ट में तीन महिला...

कला-संस्कृति

दूर से ही बुलाते मीनारों वाले कुएं

राजस्थान के के लोगों से सुना जाता है कि घी व्यर्थ में बह जाए तो कुछ नहीं लेकिन जल व्यर्थ में नहीं बहना चाहिए। ऐसे सूखे क्षेत्र में कुएं और तालाब पानी के मुख्य स्रोत हुआ करते थे। हमारे जीवन में जल का बहुत महत्त्व है। जल के बिना...

स्तंभ

कैसे रुके कार्यस्थलों में यौन शोषण

मीटू पर बात अभी थमी नहीं है। जहां एक ओर मीटू के आरोपियों पर अपने स्तर पर कार्यवाहियां हो रही हैं, वहीं...

सरदार की स्मृति

गुजरात में नर्मदा के तट पर सरदार पटेल की 182 मीटर की प्रतिमा का अनावरण स्वतंत्र भारत की एक महत्वपूर्ण घटना है।...

लालच ने पहुंचाया जेल

कोई नहीं कहता कि ईमानदारी से, मेहनत से कोई भी काम करके पैसा कमाना गलत है। आप जितना मर्जी चाहें, पैसा कमाएं।...

आखिर नेताजी को मिला सम्मान

आ जाद हिंद फौज की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी लाल किले पर झंडा फहराकर सुभाष चंद्र बोस और...

राजनीति

‘जनता बीजेपी के झांसे में नहीं आएगी’

आप अक्सर कहते हैं कि बीजेपी को हराना है। अकेले सपा बसपा या कांग्रेस उसको हराने की स्थिति में नहीं हैं। तो...

न्याय के मंदिर में भगवान अयप्पा

सबरीमाला मंदिर का मामला एक बार फिर सर्वोच्च न्यायालय में है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और एसके कौल की पीठ ने 23...

कुम्हलाती जीवन संध्या

4अक्टूबर 2017 को अलीगंज (लखनऊ) में 75 साल की बुजुर्ग औरत ने पुलिस में आरोप दर्ज कराया कि कि उसके चार बेट-बहू में से...

श्रीराम के आदर्शों को विस्तार देतीं रामलीलाएं

उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय रामलीला का उदय बनारस से माना जाता है। बनारस के निकट रामनगर की रामलीला अपनी अलग शैली के लिए...

अर्थ जगत

मंदड़ियों की गिरफ्त में शेयर बाजार

अर्थव्यवस्था के संकेतको में से एक शेयर बाजार लगातार गोते लगा रहा है। 28 सितंबर को कारोबार बंद होने के साथ ही सितंबर का...

घटा कर्ज, बढ़ी वसूली

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ओर से अच्छी खबर आ रही है। केन्द्र सरकार की सख्ती की वजह से अब बैंकों की गैर निष्पादित...

तेल मूल्य पर देश को गुमराह करती कांग्रेस

पेट्रोल, डीजल और बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस की कीमतों को लेकर जितना बड़ा तूफान खड़ा किया गया है, उससे ऐसा लगता है कि शेष सारी...

विषम परिस्थिति परवान पर उम्मीदें

आर्थिक मोर्चे पर रुपये की कीमत में हुई गिरावट और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में हो रही बढ़ोतरी की वजह से देश विषम आर्थिक...

खेल

द. अफ्रीका में रचा इतिहास

दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम भले ही टेस्ट मैचों में 25 साल के सूखे को खत्म न कर सकी हो,...

दूसरे “द वॉल” बनते चेतेश्वर पुजारा

धीरे-धीरे बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा भारत की नई दीवार के रूप में स्थापित होते जा रहे हैं। कई मौकों पर जब भारतीय पारी संकट में थी...

MUST READ

जीएसटी: कामयाबी का एक साल

देश के सबसे बड़े कर सुधार गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) ने पहला साल पूरा कर लिया है। भारत सरकार इसे एक बड़ी उपलब्धि...

दिया कमल खिलाने का मंत्र

इनेलो के गढ़ में भाजपा ने मिशन-2019 के विजय पताका की हुंकार भरी। आगामी लोकसभा चुनावों में एक बार फिर कमल खिलाने के लिए...

श्रीराम के आदर्शों को विस्तार देतीं रामलीलाएं

उत्तर भारत की सबसे लोकप्रिय रामलीला का उदय बनारस से माना जाता है। बनारस के निकट रामनगर की रामलीला अपनी अलग शैली के लिए...

सिनेमा

दिलो-दिमाग को झकझोरती ‘मुल्क’

आमतौर पर बॉलीवुड की फिल्में समाज और सियासत से जुड़े सवालों से सीधे टकराने की जहमत नहीं उठातीं। उन फिल्मकारों से ऐसी फिल्मों की उम्मीद भी नहीं की जा सकती है, जो प्यार-मोहब्बत या एक्शन को केंद्र में रखकर फिल्में बनाते रहे हों। लेकिन ‘तुम बिन’, ‘दस’ और ‘रा.वन’...

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व्यक्तिगत संपर्क से प्रचार

चुनाव शब्द जहन में आते ही चुनावी शोर-शराबे, पोस्टर-बैनर, उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार, बड़ी-बड़ी रैलियों की छवि मन में बनती है। लेकिन...

चुनावी बिसात में तीसरा मोर्चा

ए क बार कांग्रेस और एक बार भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के मिथक को तोड़ने के लिए प्रदेश में...

किसका वोट काटेंगे छोटे दल

छत्तीसगढ़ में चुनाव का माहौल गर्म हो चुका है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही राज्य की सत्ता पर काबिज होने के लिए...

शिव ‘राज’ के संकटमोचक मोदी?

इस बार मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव काफी दिलचस्प होने जा रहा है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर दिखाई...

कैसे रुके कार्यस्थलों में यौन शोषण

मीटू पर बात अभी थमी नहीं है। जहां एक ओर मीटू के आरोपियों पर अपने स्तर पर कार्यवाहियां हो रही हैं, वहीं...

अब तक नहीं लगी एक भी र्इंट

सरकारें आनी-जानी हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है और सेहतमंद लोकतंत्र के जरूरी भी। लेकिन सत्ता में किसी के आने-जाने से विकास...