प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

ईरान ने कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका से अप्रत्यक्ष बातचीत की

अमित शाह आज दिल्ली को देंगे सौगात, करेंगे बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर का श्रीगणेश

इतिहास के पन्नों में 30 सितंबर : महाराष्ट्र के लातूर में आया था भीषण भूकंप, हजारों लोगों की गई जान

एशियाई खेलों में जारी रहेगा ई-स्पोर्ट्स, ओसीए ने साफ किया रुख

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 मौतों की जांच रिपोर्ट होगी ऑनलाइन, हाई कोर्ट ने दिए निर्देश

बच्चों की सुरक्षित वापसी में बाधा डालने वालों को नहीं मिलेगा अमेरिकी वीजा: रुबियो

यूपीआईटीएस में छाया यूपीएसडीएम के हुनर का जादू

कोयला क्षेत्र के विकास और श्रमिकों के कल्याण पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से की अहम चर्चा

गाजियाबाद की महिलाओं के अचार का स्वाद घर की रसोई से ट्रेड शो तक पहुंचा

यूपीआईटीएस में पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र की सितार प्रस्तुति, कथक, सुगम संगीत और थारू नृत्य ने बांधा समां

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

461 Days 10 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो