प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

भारतीय सड़कों पर ट्रैफिक का बदलेगा गणित, आईआईटी गुवाहाटी ने ड्रोन और एआई से तैयार किए नए मॉडल

अमित शाह कल देहरादून में करेंगे 'लोकतंत्र बचाओ' जनसभा, 35-40 हजार लोगों के जुटने का दावा

फ्रांस के स्कूल में आग लगाने की घटना, शिक्षा मंत्री ने की कड़ी निंदा

पराग्वे का सबसे बड़ा डिजीटल बैंक हुआ कंगाल, 30 लाख लोगों का पैसा फंसा, जनता सड़कों पर उतरी

यूक्रेन को बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत के लिए 10 करोड़ यूरो अतिरिक्त देगा जर्मनी

भारत ने विकसित की ‘यांत्रिक बुद्धिमत्ता’ जिसमें संरचना स्वयं बदलेगी अपनी अवस्था

'रामायण' पर फिदा हुईं रश्मिका मंदाना

सचिन वाझे को बॉम्बे हाई कोर्ट से झटका, विशेष अदालत की जमानत रद्द, जेल में ही रहेंगे

महाराष्ट्र : एसटी के 83 हजार कर्मचारियों को दिवाली पर 10 हजार का बोनस, महंगाई भत्ता भी बढ़ा

चारधाम यात्रा पर निकले सूरत के परिवार की कार गंगा में गिरी, चार की मौत, दो लापता

विशेष
JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

499 Days 1 Hr ago
देश
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो