प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

डब्ल्यूपीएल 2026: ग्रेस हैरिस की तूफानी पारी से आरसीबी ने यूपी वॉरियर्स को 9 विकेट से हराया

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामलों की पुष्टि, केंद्र सरकार सतर्क

ऑस्ट्रेलिया के नए सोशल मीडिया कानून के तहत मेटा ने 5 लाख से ज्यादा नाबालिग अकाउंट हटाए

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड का आईपीओ दूसरे दिन 33.67 गुना हुआ सब्सक्राइब

(अपडेट) दिल्ली की यमुना में चलने वाले क्रूज का मंत्री कपिल मिश्रा ने किया निरीक्षण

यूरोपीय संसद ने ईरानी राजनयिकों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध

ईरान में इंटरनेट बंदी का असर : तेहरान में दूतावासों की कांसुलर सेवाएं बाधित

छत्तीसगढ़ कोयला लेवी घोटाला मामले में ईडी ने की सौम्या चौरसिया और निखिल चंद्राकर की 8 नई संपत्तियां कुर्क

श्रमिकों के रोजगार छीन उनके साथ अन्याय कर रही केंद्र सरकार : सिद्धारमैया

भारत-जर्मनी ने डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में बढ़ाया सहयोग

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

202 Days 3 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो