प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

इतिहास के पन्नों में 21 जनवरी : मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा का स्थापना दिवस

साल 2030 महाराष्ट्र में एक ट्रिलियन डॉलरकी अर्थव्यवस्था- मुख्यमंत्री फडणवीस

बुल्गारिया के राष्ट्रपति रुमेन रादेव ने दिया इस्तीफा, नई पार्टी बनाने की अटकलें तेज

हीरो हॉकी इंडिया लीग: रोमांचक मुकाबले में रांची रॉयल्स ने एचआईएल जीसी को शूटआउट में हराया

अंतरराष्ट्रीय वन्य-जीव तस्कर मुरुगेशन का प्रत्यर्पण स्वीकृत, भेजा जाएगा थाईलैंड

वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में मप्र ने किया एआई और उभरती तकनीकों पर संवाद

प्रो रेसलिंग लीग 2026 : दिल्ली दंगल वॉरियर्स की यूपी डॉमिनेटर्स पर मजबूत बढ़त, सुजीत कलकल चमके

रायबरेली पहुंचे राहुल गांधी, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

अच्छा व्यापारी वही जो सिर्फ लाभ नहीं, समाज और राष्ट्र के हित को भी ध्यान में रखे : सुनील आंबेकर

वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम-2026 में मप्र की निवेश संभावनाओं पर हुआ संवाद

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

209 Days 10 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो