प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

पर्यावरणविदों को कृषि क्षेत्र पर भी फोकस करने की ज़रूरत : आचार्य देवव्रत

52वां अंतरराष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह शुक्रवार से, सात दिन शास्त्रीय शैलियों के नृत्य एवं संवाद का होगा समागम

मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 में होंगे शामिल

ईरान के साथ ‘अर्थपूर्ण समझौते’ पर जोर, ट्रंप बोले— परमाणु हथियार नहीं बना सकता तेहरान

बेलडांगा हिंसा : एनआईए ने मुर्शिदाबाद पुलिस से केस डायरी मांगी

(लीड) समाज के रक्त में लोकतंत्र है, उसे दबाने की कोशिश करने वाला मिट्टी में मिल जाएगाः भैयाजी जोशी

आपातकाल में किस तरह लोकतंत्र का अपहरण हुआ, इस विषय में युवाओं को जानने की जरूरतः उप मुख्यमंत्री शुक्ल

ईरान में ब्रिटिश दंपति को 10 साल की सजा, ब्रिटेन ने बताया ‘पूरी तरह अनुचित’

भारत की नीति पड़ोसी देशों के सांस्कृतिक क्षेत्र पर समावेशिता को बढ़ावा देना है : डॉ जोशी

इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज, पीड़िता की मां ने ली राहत की सांस

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

240 Days 2 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो