प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

इतिहास के पन्नों में 04 अप्रैलः जब रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी छोड़ा

इस युद्ध में अब तक की मानवीय कीमत

(संशोधित ) ईरान ने इजराइल के तेल अवीव और एलात पर मिसाइलों की बौछार की

ईरान ने इजराइल के तेल अवीव और एलात पर मिलाइलों की बौछार की

अमेरिका के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को पद से हटाया गया

मप्र में शासकीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ, आदेश जारी

अंडर 20 जूनियर पुरुष, महिला कुश्ती स्टेट चैम्पियनशिप का बेलवरिया में समापन

विद्या भारती संस्थान शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक आदर्श मार्गदर्शक है : धर्मेंद्र प्रधान

संस्कार, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण का केंद्र ‘विद्या भारती भवन’ का भव्य लोकार्पण

आकाशवाणी ने सबसे बडे़ सांस्कृतिक आंदोलन श्री राम मंदिर निर्माण को देखा है और सजीव प्रसारण भी किया : मुख्यमंत्री योगी

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

282 Days 12 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो