प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

सनातन आस्था का अपमान करने के मामले में खरगे के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज

गीत “टट्टीरी” विवाद पर महिला आयोग के समक्ष पेश हुए गायक बादशाह, मांगी माफी

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में ध्रुव-तनिषा की जोड़ी ने बचाई भारत की चुनौती

पुडुचेरी विस चुनाव : प्रचार अभियान थमा, 9 अप्रैल को मतदान, मैदान में 294 उम्मीदवार

(अपडेट) धर्म के लिए लड़ने वाला कभी नहीं मरता, संतत्व से सीख लेकर अध्यात्म के आधार पर भारत बनेगा विश्व गुरु: मोहन भागवत

(राउंडअप) असम पुलिस ने पवन खेड़ा के दिल्ली आवास की तलाशी ली

ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष की संपत्ति जब्त की

आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप: पलक और मुकेश ने 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण जीता, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

रिनिकी भुइयां शर्मा के कथित पासपोर्ट मामले में कांग्रेस के आरोप निराधार, सभी दस्तावेज फर्जी: पबित्र मार्घेरिटा

राजनाथ का ममता सरकार पर हमला, बोले- बंगाल की स्थिति को किया बदतर

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

286 Days 22 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो