प्रमुख खबर
ताजा खबर
Latest Headlines

टी20 वर्ल्ड कप के लिए शाई होप बने वेस्टइंडीज के कप्तान, इविन लुईस बाहर

सरकार 'सशक्त, समृद्ध भारत' की नींव रख रही है: डॉ. मनसुख मांडविया

प्रधानमंत्री ने नागरिक-केंद्रित शासन और संवैधानिक मूल्यों पर रक्षा मंत्री का लेख किया साझा

रणजी ट्रॉफी प्लेट जीत पर बीसीए अध्यक्ष हर्षवर्धन बोले– खिलाड़ियों ने दिखाया शानदार जज़्बा और मानसिक मजबूती

मेन्स हीरो हॉकी इंडिया लीग 2025-26 : हैदराबाद तूफान्स ने कांस्य पदक पर किया कब्जा

नए आपराधिक कानूनों में ऐतिहासिक सुधार, औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति का प्रतीक: गृहमंत्री अमित शाह

राष्ट्र में उत्पन्न सभी मत, पंथ, संप्रदाय एक, षड्यंत्रों का देंगे करारा जवाब: आलोक कुमार

आरएसपी नेता बालेंद्र शाह के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत

‘भारत पर्व’ देश की आत्मा, यह विविधता और लोकतांत्रिक चेतना का सजीव उत्सव: ओम बिरला

सिसिली में भूस्खलन से हड़कंप, 1000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया

विशेष
होम JUN. 24, 2025

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : राष्ट्रीय एकता-अखंडता के पर्याय

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। इसलिए उन्होंने सत्ता का त्याग करके देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वह ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान’ के विरुद्ध थे। डॉक्टर मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत का पहला राष्ट्रवादी आंदोलन खड़ा किया था। भारत के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से डॉक्टर मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की थी। आज यदि लोग जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के जा सकते हैं और पश्चिम बंगाल भारत का अभिन्न अंग है, तो इसके पीछे डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान है।

216 Days 3 Hr ago
देश
विचार
स्तंभ
आर्थिक
वीडियो